बाढ़ के बाद डायरिया का कहर, उनवल गांव में अब तक 6 की मौत

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गोरखपुर: जनपद में बाढ़ का कहर अब दूसरे स्तर से लोगों को तबाह करने में जुटा है। अब बाढ़ के बाद जिले के दक्षिणांचल में डायरिया का कहर लोगों की जान लेने पर उतारू है। खजनी तहसील व विकास खण्ड बांसगांव के ग्राम सभा उनवल (संग्रामपुर) में डायरिया की वजह से बुधवार को भी एक बच्ची की मौत हो गयी।

उनवल के सरकारी अस्पताल में अब तक चंद दिनों में 6 लोग डायरिया से असमय मौत के शिकार हो गए हैं।बीमारी से भयभीत गांव के लोग अब अपने बच्चों को गाँव से अपने रिश्तेदारों के यहां भेज रहे हैं।

बता दें कि जिले के खजनी तहसील अंतर्गत उनवल में तमाम प्रयास के बाद भी डायरिया थमने का नाम नहीं ले रहा है।वहीं धर्मान्धता के चलते रोग से बचाव के लिए कस्बे की महिलाएं एकजुट होकर दोनों समय देवी- देवताओं को धार-कपूर चढ़ा रही हैं तथा गाव के काली मंदिर पर पूजा चढ़ाने की व्यवस्था की तैयारी में है। बाढ़ के बाद अचानक फैली इस बीमारी की चपेट में उनवल गांव के लगभग तीन सौ लोग आ चुके हैं।

इस गांव में अब तक डायरिया से उनवल निवासी अष्टभुजा मिश्र की 38 वर्षीय पत्नी माधुरी समेत अन्य की मौत हो चुकी है। वहीं शहर के प्राइवेट अस्पतालों व जिला अस्पताल में उनवल के तमाम मरीजों का उपचार चल रहा है।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनवल में बीते चार दिन में कुल 550 रोगी देखे गए हैं, जिसमें 378 रोगी दस्त अथवा उल्टी के थे, इसमें से 55 रोगियों को भर्ती किया गया, 13 रोगियों को रेफर किया गया तथा 25 रोगी ठीक हो चुके हैं।

हालांकि प्रशासन की तरफ से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सभी इंतजाम किए गए हैं। फिर भी पीएचसी पर पहुंच रहे बड़ी संख्या में मरीजों को दवा देकर थोड़ी देर बाद छोड़ दिया जा रहा है। लेकिन स्थिति गंभीर होने पर मरीज को एंबुलेंस से सदर अस्पताल रेफर किया जा रहा है।

इस सम्बंध में सीएमओ रविंद्र कुमार ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा कर दवा तथा मरीजों के विषय में सीएचसी बांसगांव के प्रभारी डा.अच्युत प्रसाद से जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।अचानक फैली इस बीमारी से बचाव के लिए 200 से ज्यादा सफाई कर्मियों को नालियों की सफाई के लिए लगाया गया है।

इस बारे में सीएमओ डा. रविंद्र कुमार ने कहा कि डायरिया को लेकर को स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। स्वास्थ्य केंद्रों को पर्याप्त दवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। उनवल अस्पताल में सात चिकित्सकों की टीम दिन-रात कार्य कर रही है। उनवल में डायरिया से पांच रोगी की मृत्यु की सूचना का सत्यापन कराया गया तो पता चला कि दो रोगी डायरिया से व तीन रोगी अन्य कारणों से मरे हैं।