कुशीनगर के बरवा महादेवा गांव में ग्रामीणों ने स्वच्छता का निकाला नायाब तरीका

कुशीनगर (मोहन राव): सरकार के स्वच्छता अभियान की पहल धीरे-धीरे गांव के आम नागरिक भी करना शुरू कर दिए हैं। जनपद के 191 गांव शौच मुक्त हो चुके हैं। अन्य गांवों के लोग भी जागरूक को हो रहे हैं। जनपद के रामकोला ब्लाक के बरवा महादेवा गांव के लोग स्वच्छता अभियान चलाकर गांव को स्वच्छ रखने का प्रण किए हैं।

इस अभियान को उसी गांव के निवासी जिला पंचायत सदस्य फूल बदन कुशवाहा मूर्त रूप दे रहे हैं। यहां के नागरिकों ने चौराहे की बाजार में मिट्टी के बने गोलक को स्वच्छता दानपत्र के रूप में रख दिया है। अपने स्वेच्छा से एक रुपए प्रतिदिन दान करेगा। एक महीना पूर्ण होने पर यह दान पत्र की राशि निकाली जाएगी। उस राशि का उपयोग सफाई कार्य कराने में किया जाएगा।

इस योजना के संयोजक फूल बदन कुशवाहा ने बताया कि दानपत्र से प्राप्त राशि से किसी अनाथ, विधवा या सबसे गरीब को सफाई कार्य करने का कार्य दिया जायेगा। इसी दानपत्र के रुपए से उसकी मासिक वेतन दिया जाएगा। उस गरीब का चूल्हा भी जलेगा और गांव कि बाजार भी साफ रहेगी।

ग्रामीणों ने अपने सहयोग से कूड़ा पात्र भी जगह-जगह रखवाया है। ग्रामीणों ने सड़क के किनारे शौच के प्रदूषण से बचने के लिए वृक्षारोपण भी शुरू किया है। इस वृक्षारोपण में खासकर पीपल, नीम अशोक और फूलों की पौधे लगाए जा रहे हैं। फूल और पीपल , नीम आदि पेड़ो के नीचे लोग खुले में शौच नहीं करते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर ऐसा किया जा रहा है।

यहां के लोगों ने बकायदा स्वच्छता अभियान चलाकर कार्यशाला का आयोजन भी अपने गांव में करवाया। जिसमें सरकारी संस्थाएं भाग लेकर इनको प्रशिक्षित किया। इसी गांव के चार लोग जो शौचालय अपने खर्च से गांव में बनवाए थे। उन्हें जिलाधिकारी ने सरकारी सहायता का बारह हजार रूपये का चेक भी प्रदान किया।