बलिया

बलियाः डीएम ने परिषदीय स्कूलों का किया निरीक्षण, प्रधानाध्यापक सस्पेंड

बलियाः जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने शनिवार को तीन परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पाण्डेयपुर में पूर्व माध्यमिक विद्यालय का ताला बंद कर गायब प्रधानाध्यापक राधामोहन उपाध्याय को निलंबित करने का आदेश दिया। वहीं प्राथमिक विद्यालय पर गायब शिक्षामित्र पर भी कार्रवाई करने को कहा।

शनिवार को जिलाधिकारी सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की गुणवत्ता जांचने अचानक निकल गए। वे सीधे नगरा क्षेत्र के पांडेयपुर में उच्च प्राथमिक व प्राथमिक विद्यालय पर जा धमके। उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद मिला। कुछ देर बाद प्रधानाध्यापक आए और बैंक जाना बताया। सबसे गंभीर बात कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय में आए एकमात्र छात्र को प्राथमिक विद्यालय की कक्षा में बैठाकर बैंक गए थे।

विद्यालय पर अकेले होने के बावजूद पढ़ाई पीरियड में बाहर जाने पर फटकार लगाई और निलंबित करने का आदेश बीएसए को दिया। उसी परिसर में स्थित प्राथमिक विद्यालय पर शिक्षामित्र अनुपस्थित था। उस पर भी कार्रवाई करने को कहा। पठन-पाठन की स्थिति बेहद खराब होने पर हाल में नियुक्ति पाए अध्यापक को चेतावनी दी। कहा कि अभी अस्थायी सेवा है और लापरवाही पर नौकरी से हाथ धोना पड़ सकता है। बच्चों के नाखून बड़े होने, अव्यवस्थित तरीके से बच्चों को पढ़ाने के साथ विद्यालय में टूटे दरवाजे को ठीक नहीं कराने पर भी नाराजगी जताई।

एमडीएम की परखी गुणवत्ता

उन्होंने प्रावि पांडेयपुर पर मिड डे मिल भोजन की गुणवत्ता को परखा। एमडीएम में पिछले तीन दिनों की स्थिति देखी तो पाया कि रोज 45 से 50 बच्चों का भोजन बन रहा। जबकि निरीक्षण के दौरान कुल नामांकन 98 के सापेक्ष मात्र 14 बच्चे हाजिर मिले। इसमें भी घालमेल की आशंका जताते हुए सुधर जाने की चेतावनी दी। वहां से प्रावि सेमरी गए जहां सबकुछ ठीक मिला। नगरा में पूर्व माध्यमिक स्कूल पर बच्चों से बातचीत कर व्यवस्थाओं का हाल जाना। साथ ही बच्चों को ज्ञान से जुड़ी कुछ खास बातें भी बताई। इस दौरान बीएसए संतोष राय साथ थे।

एबीआरसी का पकड़ाया झूठ, लगाई क्लास

औचक निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ब्लाॅक संसाधन केंद्र नगरा जा पहुंचे। वहां एबीआरसी बृजभूषण गौतम गायब थे। कुछ देर बाद आए तो जिलाधिकारी ने पूछताछ की। बताया कि स्कूलों में निरीक्षण करने गए थे। लेकिन संयोग से एबीआरसी ने उसी स्कूल का नाम ले लिया, जहां से निरीक्षण कर जिलाधिकारी वहां पहुंचे थे। इस तरह एबीआरसी को सफेद झूठ वहीं पकड़ में आ गया। जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए बीएसए व एबीएसए को निर्देश दिया कि इनको हटकार किसी योग्य अध्यापक को एबीआरसी बनाने का प्रस्ताव लाएं। साथ ही उस अध्यापक की गतिविधि पर नजर रखने को कहा।

पीएचसी का भी लिया जायजा

जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगरा का भी औचक निरीक्षण किया। वहां मरीजों की भीड़ व डॉक्टरों की उपस्थिति पर उन्होंने संतोष जताया। चिकित्साधिकारी से दवा की उपलब्धता आदि की जानकारी ली। चिकित्सा व्यवस्था सुदृढ़ करने की बात कहते हुए वहां से निकल गए।

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