बस्ती

घाघरा उफान पर, हजारों लोग प्रभावित

Image-for-representation-2बहराइच: पहाड़ों पर हो रही निरंतर बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के तराई इलाकों में बाढ़ का संकट गहरा गया है। यहां घाघरा नदी उफना गई है, जिस वजह से महसी तहसील के छह गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन गांवों की करीब 35 हजार आबादी बाढ़ से प्रभावित है।
कैसरगंज में भी तटवर्ती गांव बाढ़ के पानी से घिरने लगे हैं। एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी लाल निशान से महज नौ सेंटीमीटर दूर रह गई है। दो सेंटीमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से जलस्तर में इजाफा हो रहा है।
उफनाई घाघरा में अलग-अलग तीन बैराजों से तीन लाख 15 हजार क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है, जिससे गुरुवार सुबह स्थिति और भयावह होने की आशंका पैदा हो गई है। अभी तक राहत व बचाव कार्य शून्य है।
महसी तहसील के निचले इलाके में बसे कायमपुर, कोरिनपुरवा, गोलागंज टेपरी, जरमापुर, शुकुलन पुरवा व कायमपुर गांव में पानी घुस गया है, जिससे ये गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं।
उधर, कैसरगंज के गोड़हिया व जरवल के सुंदरलाल पुरवा में भी बाढ़ का पानी पहुंच रहा है। इन गांवों की लगभग 35 हजार आबादी प्रभावित हुई है। जरवल ब्लॉक के सुंदरलालपुरवा-पुरैनी मार्ग पर भी कभी भी बाढ़ का पानी प्रवेश कर सकता है।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज के अवर अभियंता संतराम वर्मा के मुताबिक, नेपाल के पहाड़ों पर वर्षा के चलते नेपाली नदियां उफनाई हुई हैं, जिसके चलते गिरिजापुरी बैराज से एक लाख 27 हजार 626 क्यूसेक, बनबसा बैराज से एक लाख 25 हजार 320 क्यूसेक और शारदा बैराज से 62445 क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हो रहा है। ऐसे में गुरुवार सुबह बाढ़ की स्थिति और भयावह होने के संकेत मिले।
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