बस्ती

बूट पालिश कर रहे मिल कर्मियों के धरने पर पहुँचे राजकिशोर सिंह ने भाजपा पर साधा निशाना

बस्ती: जनपद में बंद पड़ी शुगर मिल को चलाने के लिए मिल कर्मचारियों ने अनोखा तरीका अपनाया है। जिला मुख्यालय स्थित विकास भवन पर बूट पालिश कर गोविंद नगर शुगर मिल वाल्टरगंज के कर्मियों ने बकाया वेतन के भुगतान की मांग कर रहे हैं। बीते विधानसभा चुनाव में वाल्टरगंज की गोविंद शुगर मिल को नियमित रूप से चलाने के लिए भारतीय जनता पार्टी सहित सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने किसानों से वादा किया था कि अगर उनकी सरकार बनी तो यह मिल अनवरत रूप से चालू रहेगी लेकिन यूपी में नई सरकार बनते ही वाल्टरगंज शुगर मिल बंद हो गई।

बीते डेढ़ साल से बीजेपी नेताओं ने किसानों को यह समझाने की कोशिश की कि मिल चलाया जाएगा लेकिन मौजूदा हाल में मिल इस साल भी नहीं चली हालांकि मिल कर्मचारियों और किसानों को पहले ही यकीन हो गया था कि मिल चलने से रही। मिल प्रबंधन पर दबाव बनाने के लिए कर्मचारियों ने मिल गेट पर धरना शुरू कर दिया और यह धरना 45 दिनों से चालू है।

इसी बीच मिल मैनेजमेंट कर्मचारी संगठन और जिला प्रशासन से हुई बातचीत में इस बात का खुलासा हुआ कि मिल प्रबंधन मिल बेचने की कोशिश में है और इस का सौदा भी लगभग तय हो चुका है नए मालिक से मिले रकम से बकाया गन्ना मूल्य और कर्मचारियों के वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए 10 नवंबर तक की आखिरी समय सीमा निर्धारित की गई थी। लेकिन यह समय बीत गया और किसी ने उनकी सुध नहीं ली।

बूट पालिश कर रहे मिल कर्मचारियों की मांग है कि उनका बकाया वेतन दिया जाए और किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाए इसी बात को लेकर मिल गेट पर धरना दे रहे कर्मचारियों ने विकास भवन पर डेरा डाल बूट पॉलिश करने का अनोखा तरीका अपनाकर प्रशासन से अपनी बात मनवाने का दबाव बनाया। चुकि मामला किसानों से जुड़ा हुआ था तो जिले के पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राज किशोर सिंह बूट पॉलिश कर रहे कर्मचारियों के बीच जा पहुंचे।

उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की नियत और नीतियों की जमकर मुखालफत की और कहा कि भारतीय जनता पार्टी किसान नौजवान मजदूर और कर्मचारियों की कभी हितैषी नहीं रही है यह केवल जुमलेबाजी करके आते हैं और कुछ अपने लोगों को फायदा पहुंचाते हैं। उन्होंने मांग की है की इनके वेतन का भुगतान और गन्ना किसानों का बकाया 12 करोड रुपए का भुगतान अतिशीघ्र कर दिया जाए जिससे भुखमरी के कगार पर पहुंचे किसान और मिल कर्मियों को थोड़ी सी सांस मिल सके।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *