बस्ती

भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने रेल मंत्रालय के 'फ्लैक्सी फेयर स्कीम' पर पुर्नविचार की मांग की

bjp-mp-jagdambika-palबस्ती: भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा है कि रेल मंत्रालय को फ्लैक्सी फेयर स्कीम पर एक बार पुर्नविचार करना चाहिए ताकी लाइफ लाइन माानी गई रेल सेवा में मध्यम वर्ग का रेल यात्री शताब्दी, राजधानी और दुरंतो जैसी रेल गाडी में भी सफर कर सके।
सांसद पाल ने अपनी भाजपा सरकार और रेल मंत्रालय को यात्रियों की सुविधाओं का ख्याल रखने की नसीहत दी। पाल ने तर्क दिया देश की करीब तीन करोड जनता रोजाना रेलगाडियों में सफर करती है। इन तीन करोड लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाने का काम रेलवे करती है।
उन्होंने कहा कि पूर्व के दिनों में सुविधा रेल गाडियां चलाई गई थी। इन गाडियों में भी यात्रा करने वालों को डेढ गुना अधिक किराया अदा करना पडता था। कुछ दिनों तक यात्रियों ने किसी तरह इन रेल गाडियों में यात्रा किया और उसके बाद यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट आने लगी, जो फ्लाप हो गई और थकहार कर रेल मंत्रालय को सुविधा जैसी रेल गाडियांे को बंद करने का निर्णय लेना पडा।
इसलिए रेल मंत्रालय को एक बार फ्लैक्सी फेयर स्कीम में शामिल की गई राजधानी, शताब्दी और दुरंतों जैसी रेल गाडियों का किराया कम करने पर विचार करना चाहिए। ताकी कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की यात्रा मध्यवर्गीय यात्री इन रेल गाडियों में सफर का आनंद उठा सके।
उन्होंने तर्क दिया कि आज एअर इंडिया ने यह घोषणा किया है कि हमारी हवाई सेवा का किराया रेल टू टायर के समान्तर होगा। तो कहीं न कहीं रेलवे की बडी संख्या कहीं न कहीं एयर इंडिया और निजी हवाई सेवा देने वाली कंपनियों की सेवा लेने की दिषा में कदम बढाएगी।
इसके लिए पाल ने कहा कि दिल्ली पहुंचकर रेल मंत्रालय से लेकर रेलवे बोर्ड के अधिकारियों से निवेदन करेंगे। ताकि माध्यमवर्गीय रेल यात्री इन रेल गाडियों में सफर कर सके।
शहाबुद्दीन के बारे में सोचे बिहार के सीएम
जगदम्बिका पाल ने बिहार की हालत पर चिंता जाहिर किया। कहा कि बिहार प्रदेश की जनता दहषत के साये में अपना जीवन व्यतीत करने को मजबूर है। बिहार के लिए दहशत का पर्याय बने शहाबुद्दीन जैसा कुख्यात अपराधी जेल से बाहर आ चुका है। जो अपना नेता पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को मानता है। ऐसी हालत में बिहार के मुख्यमंत्री नितीष कुमार को इस विषय पर सोचने की आवष्यकता है।
सांसद जगदम्बिका पाल ने कहा कि शहाबुद्दीन जैसा अपराधी जब जेल में रहते हुए अपनेे विरोधियों को मौत के घाट उतारता है। अगर शहाबुद्दीन को लगा कि उसके उपर दर्ज किसी भी मुकदमें में कोई गवाही देने जा रहा है तो उसे भी अपने गुर्गो और भाडे के शूटरों से मौत की सुलाने का काम करता है। ऐसे में अब वह जेल से बाहर आ चुका है। इसलिए बिहार का मुख्यमंत्री होेने के नाते नितीष कुमार को इस विषय में गहन सोचने की जरुरत है। सांसद पाल ने बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव को अपराधियों का सरगना करार दिया।
उन्होंने कहा कि आज लालू और नितीश के गठबंधन की सरकार है और यही कारण है कि शहाबुद्दीन जैसा अपराधी जेल के बाहर है। क्योंकि शहाबुद्दीन के उपर 63 केस हत्या, अपहरण जैसे संगीन अपराध के मुकदमें दर्ज है। सीएम नितीष कितना भी कहें कि यह हमारे लिए गंभीर विषय नहीं है, लेकिन एक प्रदेश का मुखिया होने के नाते उन्हें सोचने की आवष्यकता है।
उन्होंने कहा कि शहाबुद्दीन के जेल के बाहर आने से बिहार के अलावा अन्य प्रदेष में भी अपराध का ग्राफ बढेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बिहार से सटा है और कहीं ऐसा न हो कि शहाबुद्दीन का आतंक यहां भी कायम हो जाए।

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