बस्ती

बस्ती: नहीं थम रहा है श्रमिक के मौत का मामला, एमएलसी दीपक सिंह ने कहा मामले को विधान परिषद में उठाएंगे

बस्ती: नहीं थम रहा है श्रमिक के मौत का मामला

आयुष द्विवेदी
बस्ती: जनपद में चीनी मिल के श्रमिक सीताशरण के मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वैसे तो बस्ती  चीनी मिल अब वीरान हो चुकी है क्योंकि यह 2013 से ही बंद है। जहाँ 16 महीनों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है वहीँ इस दौरान दो कर्मचारियों की मौत हो गयी। एक श्रमिक सीताशरण के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार मिल प्रबंधन से गुहार और विनती की लेकिन उनके बात को हमेशा अनसुनी की गयी और इलाज के अभाव में सीताशरण की मौत हो गयी।

सीताशरण मिल के हेड कुक थे और उनके लजीज भोजन के सभी दीवाने थे लेकिन जो इंसान दूसरे के लिए भोजन पकाता था उसका ही अंत भूख और बीमारी से हुआ। इस मामले को राजनीतिक दलों ने भी खूब जोर शोर से उठाया लेकिन मिल प्रशासन इस मामले में एकदम मौन हो गयी है।

सीताशरण की पत्नी अपने पति के लाश को लेकर धरने पर बैठी है औऱ उसकी मांग है कि उसे उचित मुआवजा दिया जाए और उसके बच्चे को नौकरी लेकिन मिल प्रबंधन है की मानता ही नहीं। मिल प्रबंधन प्रशासन के माध्यम से मध्यस्थता कर रहा है लकिन फ्रंट पर नहीं आ रहा है।

इस मामले में विधानपरिषद सदस्य दीपक सिंह भी कल बस्ती आये थे। उन्होने आशवासन दिया है की वह सदन में इस मामले को उठाकर इस परिवार को न्याय दिलाएंगे। वही बस्ती कांग्रेस पार्टी के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पांडेय का कहना है की मिल प्रबंधन के उदासीन होने के कारण इतनी बड़ी घटना हुई है। उनका कहना है की मिल प्रशासन और सीताशरण के परिजनों से बातचीत किया जा रहा है और कोई रास्ता निकाला जा रहा है।

युथ कांग्रेस के प्रदेश सचिव कौशल त्रिपाठी का कहना है की मिल प्रबंधन कर्मचारियों के बारे में नहीं बल्कि केवल अपने बारे में सोचती है और इसकी कीमत गरीब आदमी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *