बसपा का मजबूत किला धराशायी, पांचवीं बार जीतने का सपना भाजपा के डा विमलेश पासवान ने तोडा

गोरखपुर: बांसगांव सुरक्षित विधान सभा सीट से भाजपा के डा. विमलेश पासवान चुनाव जीत गये हैं। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी सपा की शारदा देवी व बसपा के धर्मेंद्र को पराजित किया। यहां से कुल 8 उम्मीदवार मैदान में थे जिसमें 1 निर्दल शामिल हैं। यहां से बसपा लगातार तीन (2012/2007/2002) विस चुनाव में जीत दर्ज करती आ रही हैं। बसपा यहां से चार बार जीत दर्ज कर चुकी थीं। यह सीट बसपा के मजबूत किले के रुप में शुमार होती थीं। लेकिन बसपा का यह मजबूत किला धराशायी हो गया।

बताते चलें कि वर्ष 2012 में कुछ हिस्सा कौड़ीराम विधान सभा और पुराने चिल्लूपार को मिला के बनी बांसगांव लोकसभा सीट सुरक्षित है। 2012 के विधान सभा के चुनाव में बसपा के उम्मीदवार डा. विजय कुमार यहां से विधायक निर्वाचित हुए। लेकिन बसपा ने उनका टिकट काटकर धर्मेंद्र कुमार को टिकट दिया था। विजय कुमार सपा की शारदा देवी को हरा के चुनाव जीत तो गए पर पांच साल तक जनता से दूर रहे।

2012 के चुनाव में भाजपा, बसपा, सपा और कांग्रेस सहित चारों उम्मीदवार बाहरी थे जिनका खुद बांसगांव विधान सभा से कोई ताल्लुक नहीं नहीं था। इस सीट पर बसपा ने चार बार, भाजपा ने तीन तो कांग्रेस पांच बार जीत हासिल कर चुकी हैं। वहीं एसएसपी ने तीन तो जेएनपी ने एक बार जीत हासिल की। कांग्रेस यहां 1985 में जीती थी। वहीं बीजेपी 1996 में।

फिलहाल यह बसपा की सबसे सुरक्षित सीट मानी जाती थीं। सपा ने यहां से शारदा देवी को टिकट दिया था। यहां की जनता का दर्द भी हैं। पिछली बार विजय कुमार यहां से जीत के गए फिर दोबारा मुड़ के नही देखें। सड़को की हालात ख़राब है। बिजली की समस्या दयनीय है। लेकिन जनता हैं सब जानती थीं इस बार वोट की चोट से फैसला किया।

बांसगांव (सु) के विधायक
2017 – भाजपा – डा. विमलेश पासवान
2012- बसपा – डा. विजय कुमार
2007/2002- बसपा – सदल प्रसाद
1996 – भाजपा – संत प्रसाद
1993 – बसपा – मोलई
1991- भाजपा – यदुनाथ
1989- भाजपा- मिठाई लाल शास्त्री
1985 – कांग्रेस- कैलाश प्रसाद
1980 – कांग्रेस(आई)- कैलाश प्रसाद
1977 – जेएनपी- बाबू लाल
1969 – एसएसपी- मसाली देवी
1967 – एसएसपी- बाई पोल- एम देवी
1967 – एसएसपी – जे सिंह
1962/1957- कांग्रेस- गणेश प्रसाद
1957 – कांग्रेस – जशोदा