स्वास्थ्य विंभाग की मिलीभगत से कुकुरमुत्तों की तरह धड़ल्ले से चल रहे अस्पताल एवं डाइग्नोस्टिक सेंटर

कैम्पियरगंज (सूर्य प्रकाश त्रिपाठी): पीपीगज नगर पंचायत एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से दर्जनों निजी अस्पताल, नर्सिंग होम, पैथालॉजी, एक्सरे एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र कुकुरमुत्तों की तरह चलाया जा रहा है जिससे गरीबो को इलाज के नाम पर जमकर लुटा जा रहा है साथ ही इससे अब तक कई मरीज काल के गाल में समा चुके है। ऐसे अवैध धंधेबाजों के खिलाफ आखिर प्रशाशन क्यों कार्यवाही नहीं कर रहा है यह समझ से परे है।

पीपीगज नगर पंचायत में करीब दर्ज भर अस्पताल ऐसे है जिनके संचालकों द्वारा ही मरीजो का इलाज किया जाता है जबकि ऐसे लोगो में अधिकाँश के पास न तो वैध डिग्री है और न ही रजिस्ट्रेशन। यहाँ तक की डायग्नोस्टिक सेंटर भी बिना डिग्री या विशेषज्ञ के ऐसे लोगो के द्वारा चलाया जा रहा ही जिनका पूर्व में ऐसे पेशे से कोई दूर दूर तक का रिश्ता नहीं रहा।

कइयों ने तो पैसे के बदौलत फर्जी डिग्रियां भी खरीद ली है और मरीजो की जिंदगी से खलीवाड़ कर रहे है।ऐसा नहीं है कि स्वास्थ्य महकमा ऐसे मुन्ना भाइयो से अंजान है बल्कि हर माह बंधी बधाई रकम लेकर इस गोरखधंधे को फलने फूलने का भरपूर अवसर भी देता रहता है,कभी कभार कार्यवाही भी तभी होती है जब किसी का सुविधा शुल्क तय समय के मुताबिक नहीं पहुच पाता।इतना ही नहीं जब कोई कार्यवाही होनी होती है चाहे स्थानीय स्तर से हो या बाहरी बीच द्वारा इन मुन्ना भाइयो को जांच टीम के पहुचने के पूर्व ही सुचना मिल जाती है और ऐसे में इन सेंटरो पर पहले से ही ताले लटक जाते है।

स्थानीय स्तर पर इस तरह के सभी अस्पतालों एवं डायग्नोस्टिक सेंटरो के निगरानी का पहला जिम्मा कैपियरगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधिछक का है लेकिन बीते तीन वर्षों से अधिक समय से अपने पद जमे भगवानदास की छत्रछाया में अस्पतालों एवं डाग्नोस्टिक सेंटरो की बाढ़ आ गयी है।

इस बावत गोरखपुर के मुख्य चिकित्साधिछक रविंद्र कुमार ने बताया कि इस प्रकार के सभी सेंटरो के चिन्हित किये जाने का कार्य पूरा हो चूका है शीघ्र ही जनपद स्तरीय टीम कार्यवाही भी शुरू करेगी।