सिसवा चन्द्रशेखर हत्याकांड: रंजिश और साजिश की तरफ घूम रही हत्या की सुई

TIME
TIME
TIME

महराजगंज: गुरुवार की रात जिले के सिसवा कस्बे के प्रेम चित्र मंदिर रोड पर जैनी छपरा निवासी चन्द्रशेखर उर्फ छोटे मद्धेशिया की हत्या की सुई रंजिश और सुनियोजित साजिश की तरफ घूम रही है। दबी जुबान से उसकी हत्या का कारण आई पी एल के सट्टे की वजह बताई जा रही है।

बता दें कि चन्द्रशेखर उर्फ छोटे अपने मित्र ईश्वर के साथ गुरुवार को अपने मित्र के साथ छोटी बहन की शादी तय करने के लिए कुशीनगर जनपद के कसया गया हुआ था। बकौल ईश्वर दोनों वापसी में रात करीब 9 बजे कप्तानगंज में एक होटल में शराब पिये और खाना खाकर सिसवा के लिए चले।

घुघली में पेट्रोल पंप के पास पहुंचते ही एक बाइक पर सवार तीन बदमाश ईश्वर और छोटे का पीछा करने लगे। और सिसवा कस्बे के प्रेम चित्र मंदिर रोड पर रात करीब पौने ग्यारह बजे हमलावरों ने ईश्वर के ऊपर कट्टे के बट से प्रहार किया। और चन्द्रशेखर को गोली मार दिया।

ईश्वर के बयान पर गौर करें तो उसका बयान पुलिस को गुमराह करने वाला प्रतीत हो रहा है। सवाल यह उठता है कि अगर हमलावरों को चन्द्रशेखर की हत्या ही करनी थी तो हत्यारों ने घुघली सिसवा के बीच मे ही घटना को अंजाम दे दिया होता।

कसया में सुराग ढूंढने ईश्वर के साथ निकली पुलिस

चन्द्रशेखर की हत्या की वजह कहीं सट्टेबाज़ी तो नहीं है। क्योंकि उसके द्वारा आई पी एल में साट्टेबाज़ी की बात सामने आ रही है। अगर उसकी मौत की वजह सट्टेबाज़ी है तो कहीं न कहीं से इसका तार कसया से जुड़ा हो सकता है। क्योंकि ईश्वर द्वारा बार-बार बयान बदलने की वजह से पुलिस उसे शनिवार को मामले की तह तक जाने के लिए कसया लेकर गई। अगर कसया से पुलिस को कुछ सुराग मिलता है तो कसया के सट्टेबाजों का तार सिसवा के सट्टेबाजों से जुड़े होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।

चन्द्रशेखर के सेलफोन में दाढ़ी वाले युवक की फोटो किसकी?

पुलिस सूत्रों के अनुसार चन्द्रशेखर के मोबाइल में पुलिस को एक दाढ़ी वाले युवक की संदिग्ध फोटो मिली है। जिसकी पहचान ईश्वर नहीं कर पा रहा है। पुलिस का अंदाज़ा है कि कसया में ही दाढ़ी वाले युवक की पहचान और हत्या से जुड़े सुराग मिल सकते हैं। जो जांच का विषय है।

सट्टेबाज़ी के चलते इस वर्ष सिसवा में हुई हैं दो मौतें

बता दें कि आईपीएल के सट्टेबाज़ी के चलते सिसवा में दो युवकों ने फांसी लगा कर अपनी जान दी है। जून माह में कस्बे के गोपाल नगर मुहल्ला निवासी युवक और नौका टोला निवासी एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी इहलीला समाप्त कर ली थी। इस दोनों मौतों में सट्टेबाज़ी की वजह सामने आई थी। बताया जाता है कि कस्बे के स्टेट बैंक चौराहे के पास सट्टेबाज़ी करने वालों का भीड़ जुटता है। जहां एक गैम्बलर सट्टा लगाकर जीतने वालों को उनके हिस्से की रकम देता है।

कट्टे की गोली नहीं बल्कि रिवाल्वर की गोली से हुई छोटे की मौत

छोटे की मौत कट्टे की गोली से नहीं बल्कि रिवाल्वर की गोली से हुई है। कारण कि शुक्रवार की रात करीब 11 बजे मेडिकल कालेज में उसकी लाश का पोस्टमार्टम किया गया तो चिकित्सकों को गोली नहीं मिली। जिसके चलते पोस्टमार्टम को रोककर लाश का स्कैन कराया गया। फिर शनिवार को सुबह हुए पोस्टमार्टम के दौरान छोटे की बॉडी से नाइन एमएम की गोली निकली। हालांकि घटनास्थल पर पुलिस को एक अदद लोडेड कट्टा और एक अदद पिस्टल की खाली कारतूस बरामद की थी।

तीसरी बाइक किसकी थी?

सूत्रों के अनुसार पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो उसमें हमलावर सफेद रंग की बुलेट पर तीन की संख्या में सवार थे। और तीनों के शरीर पर सफेद रंग के ही कपड़े थे। हमलवारों द्वारा हमला किये जाने के बाद ईश्वर वहां से पैदल ही भागता हुआ नजर आता है। फिर हमलावरों के भागने के बाद ईश्वर वापस दौड़ कर आता है। फिर पीछे से एक और बाइक के हेडलाइट की रोशनी साफ नजर आ रही है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि तीसरी बाइक किसकी थी। जिसकी गुत्थी अभी तक पुलिस सुलझाने में असफल है।

चन्द्रशेखर के सेलफोन से भी मिल सकते हैं अहम सुराग

पूरे प्रकरण में चन्द्रशेखर के सेलफोन से भी पुलिस को अहम सुराग मिल सकते हैं। घटना के पूर्व चन्द्रशेखर की कब और किससे फोन पर बात हुई थी? इन सभी बिंदुओं के तह तक पहुंचने के लिए पुलिस चन्द्रशेखर के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर छानबीन कर रही है।

शीघ्र उठेगा चन्द्रशेखर की मौत के रहस्य से पर्दा: एस ओ

इस मामले में थानाध्यक्ष कोठीभार जितेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि बहुत सारे बिंदुओं के आधार पर शीघ्र ही पुलिस मामले की तह तक पहुंच जाएगी। और शीघ्र ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।