जल्द ही शुरू होगा देवरिया में केंद्रीय विद्यालय के भवन का निर्माण, मानव संसाधन मंत्री कर सकतें हैं शिलान्यास

देवरिया: जिले में तेरह साल पूर्व खुले केंद्रीय विद्यालय को जल्द ही अपना भवन नसीब होगा। विद्यालय के अपने भवन के लिए राजस्व ग्राम अमेठी में जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है। इसके साथ ही विद्यालय भवन निर्माण का रास्ता भी साफ हो गया है। और अगर सब कुछ योजनाबद्ध रहा तो केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर इसका शिलान्यास करेंगे।

जानकारी के अनुसार स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की तरफ से जावेडकर से इसके शिलान्यास को लेकर बातचीत चल रही है। जल्द ही तारीख भी तय ली जाएगी।

केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने बताया कि केंद्रीय विद्यालय का जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। इसके शिलान्यास के लिए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर से बातचीत की जा रही है। जल्द ही उनका कार्यक्रम तय हो जाएगा।

गौरतलब है की देवरिया में केंद्रीय विद्यालय तेरह साल पूर्व 2003-04 में खुला। विद्यालय दूसरे भवन में संचालित हो रहा था। वर्तमान में इसे राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के भवन में संचालित किया जा रहा है। जिसमें करीब कक्षा एक से 10 वीं तक करीब 400 छात्र पढ़ते हैं। बारिश के दौरान भवन की छत से पानी टपकता है। जिससे छात्रों में भय व्याप्त रहता है।

केंद्रीय विद्यालय में अभी एक सत्र ही चलता है। यदि इसे भवन मिल जाए तो दो सत्र चलने लगेंगे। जिला प्रशासन ने जून 2009 में केंद्रीय विद्यालय के नाम राजस्व ग्राम अमेठी में तीन भाग में निश्शुल्क 9.673 एकड़ जमीन स्थानांतरित की। केंद्रीय विद्यालय संगठन ने अगले साल ही केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को निर्माण की स्वीकृति देते हुए 70 लाख रुपये अवमुक्त किए। 23 अप्रैल 2011 को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ने चहारदीवारी निर्माण कार्य शुरू किया।

जिस जमीन पर भवन का निर्माण होना है, उस पर कुछ सफेदपोश लोगों का अवैध कब्जा था। जिसको खाली कराने के लिए प्रधानाचार्य डा. रामचंद्र लंबे समय से शासन-प्रशासन से पत्राचार कर रहे थे, लेकिन राजनीतिक दवाब में प्रशासन हीलाहवाली करता रहा। केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र व केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावेडकर ने भी शासन को पत्र लिखकर अवैध कब्जा हटाने को कहा था।

तहसील प्रशासन को अवैध अतिक्रमण हटाने में पसीने छूटते रहे। प्रशासन ने पहले ईंट पाथने के लिए एकत्र की गई मिट्टी और पथेरों द्वारा बनाई गई अस्थायी झोपड़ियों को हटवाया। उसके बाद ईंट के चट्टों को हटवाया गया। एसडीएम सदर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि अवैध अतिक्रमण खाली करा लिया गया है। प्रधानाचार्य से मौका देखकर फोटोग्राफी कराकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। ताकि शासन को इससे अवगत कराया जा सके।