भारत-नेपाल सीमाई जिलों में साइबर हमले का खतरा, विभागों के कम्प्यूटर बन्द करने का आदेश

सिद्धार्थनगर (अर्चिष्मान मिश्र): भारत-नेपाल सीमा से सटे सिद्धार्थनगर जिला में साइबर हमले का खतरा है, जिससे लोगों में मंगलवार को साइबर हमले का खौफ रहा। साइबर हमले को लेकर अचानक विभागों के कम्प्यूटर व इंटरनेट को बन्द करने का आदेश जारी कर दिया गया। जिससे कि किसी भी विभाग का सिस्टम साइबर हमले का शिकार न हो जाय। इस बीच एनआईसी ने भी एडवाइजरी जारी कर सभी को साइबर हमले से सतर्क रहने को कहा है। इसके लिए एनआईसी के पहले पेज पर बकायदा बचाव के उपायों के बारे में भी जानकारी दी गई है।

बता दें कि रैंसमवेयर वायरस अटैक की साजिश से पूरा विश्व जूझ रहा है। अभी तक साइबर हमला नहीं थमने से हर तरफ इसका खौफ देखा जा रहा है। सोमवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बैँकों को एडवाइजरी जारी करने के बाद यह खतरा और भी बढ़ गया। देखते ही देखते सभी सतर्क हो गए। कई कम्पनियांें के लोगों ने इंटरनेट के इस्तेमाल पर पाबन्दी लगा रखी है, जिससे कि वह साइबर हमले का शिकार न हो।

इस बीच मंगलवार को अलग-अलग विभागों के अधिकारियों को व्हाट्सएप के माध्यम से अपने-अपने कार्यालयों इंटरनेट कनेक्शन बंद करने और इंटरनेट के साथ कम्प्यूटर पर काम न करने का निर्देश दिया गया। इस निर्देश के आने के बाद देखते ही देखते सभी विभागों के कम्प्यूटर बन्द करा दिए गए। इस बीच जिला सूचना विज्ञान केन्द्र की ओर से जब निर्देश जारी किया गया तो कार्यालय पर विभिन्न विभाग के लोगों की जुटान शुरू हो गई।

इसके बाद एनआईसी ने लोगों की सुविधा के लिए सिद्धार्थनगर एनआईसी के मुख्य पेज पर साइबर हमले से बचाव की एडवाइजरी जारी कर सभी को इससे बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। एनआईसी द्वारा साइबर हमले से बचाव के उपाय की जानकारी दिए जाने के साथ ही दोपहर दो बजे के बाद कई विभागीय कार्यालयों के कम्प्यूटर खुले और काम शुरू हुआ। इस बीच कई विभागीय कार्यालयों में ऑनलाइन व इंटरनेट के माध्यम से होने का कामकाज पूरी तरह से ठप रहा, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।

खतरनाक है एक्सपायर विंडों का इस्तेमाल

जिला सूचना विज्ञान केन्द्र अधिकारी नसीम अहमद की माने तो साइबर हमले का शिकार एक्सपी विंडों सिस्टम का प्रयोग करने वाले कम्प्यूटर पहले होंगे। क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट से विंडो एक्सपी को बन्द कर दिया है और इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी कम्पनी नहीं दे रही है। ऐसे में जहां पर अभी भी विंडो एक्सपी का इस्तेमाल हो रहा है, वहां पर उसे फारमेट कर विंडो, सात, आठ और दस को अपडेट कर काम किया जा सकता है। साथ ही सभी प्रकार के ब्राउजर को अपडेट करने की जरूरत है जिससे कि साइबर हमले का शिकार होने से बचा सकता है।

यह उपाय कर बचा सकतें है अपना कम्प्यूटर सिस्टम

साइबर हमले से बचाव के लिए पूर्व में की गई तैयारियां काम आ सकती है। थोडी की सावधानी अपनाकर अपने सिस्टम को साइबर हमले का शिकार होने से बचाया जा सकता है। इसके लिए अपडेटिंग सिस्टम को लागू करना होगा, जिससे कि समय-समय पर सिस्टम आॅटोमेटिक अपडेट होता रहे। जिनका सिस्टम अपडेट नहीं है वह उसे अपडेट कर साइबर हमले का शिकार होने से बचा सकतें हैं। इसके अलावा सिस्टम में विंडो सात, आठ व दस का इस्तेमाल फायदेमंद होगा। इमेल व जीमेल ब्राउजर को भी अपडेट करना होगा, सिस्टम में अच्छी कम्पनी का एन्टी वायरस का इस्मेमाल करना होगा। मुफ्त से एन्टीवायरस के प्रयोग से बचना चाहिए।

न छुएं हाइपर व साइबर लिंक

अगर आप के मेल पर किसी भी प्रकार का नया हाइपर व साइबर लिंक आता है उसे गलती से भी न छुएं ऐसा करना कम्प्यूटर सिस्टम के लिए भारी पड़ सकता है। अक्सर मेल, फेसबुक या अन्य सोशल साइटों पर इस प्रकार के साइबर लिंक आते है, जिसे न चाहते हुए भी लोग क्लिक कर देते है। इस दौरान ऐसा करना भारी पड़ सकता है। ऐस में किसी भी प्रकार के फालतू लिंक को न छुए इससे सिस्टम को साइबर हमले का शिकार होने से बचाया जा सकता है।

जिला सूचना विज्ञान विभाग अधिकारी द्वारा जारी किया गया दिशा निर्देश

विभागों में साइबर हमले की खबर पर अलर्ट जारी करते हुए सभी इसके बारे में जानकारी दी गई। इसके लिए एनआईसी के मुख्य पेज पर इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। कई विभाग के लोगों कार्यालय में बुलाकर उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित भी किया गया। जिससे कि विभागीय कम्प्यूटर आदि को साइबर हमले से बचाया जा सके। इसके लिए कार्यालयों का भी भ्रमण किया गया। विभागाध्यक्षों को इसके बारे में जानकारी दी गई।

नसीम अहमद
जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, सिद्धार्थनगर

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