गोरखपुर के नजदीक से होकर जाएगी दिल्ली से कोलकाता के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन

दिल्ली: दिल्ली से कोलकाता के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन गोरखपुर के नजदीक दो शहरों के करीब से गुजरेगी ही नहीं बल्कि इन दोनों जगहों पर इस ट्रेन का स्टॉपेज भी होगा। भारतीय रेलवे के प्रवक्ता अनिल सक्सेना ने बताया कि स्पेन की कंपनी इनको-टिप्सा-आइसीटी ने दिल्ली-कोलकाता बुलेट ट्रेन परियोजना की ड्राफ्ट रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंप दी है।

इस बुलेट ट्रेन का लाभ उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को भी मिलेगा. बिहार में जहां बुलेट ट्रेन पटना में रुकेगी, वहीं उत्तर प्रदेश में वाराणसी और लखनऊ में स्टॉपेज होगा।

गौरतलब है की इन दोनों जगहों पर इस ट्रैन के स्टॉपेज होने से दिल्ली मे रहने वाले गोरखपुर के लोगों को अपने शहर जाने का एक और तेज विकल्प मिल जायेगा। मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ का शहर होने के नाते गोरखपुर को इस समय निर्माणाधीन कई फोरलेन से जोड़ा जा रहा है और उसमे से गोरखपुर-वाराणसी भी एक है। यह रोड बन जाने के बाद गोरखपुर और वाराणसी के बीच यात्रा में लगने वाला समय बहुत काम हो जायेगा। वहीँ लखनऊ पहले से ही गोरखपुर से एक एक्सप्रेसवे के माध्यम से जुड़ा हुआ है।

ऐसे में यदि कोई इमरजेंसी पड़ी तो दिल्ली में रहने वाला व्यक्ति लखनऊ या वाराणसी बुलेट ट्रैन से जाकर वहां से रोड के माध्यम से अगले ४ घंटों में अपने गंतव्य को पंहुच सकेगा।

गर आप फ्लाइट से दिल्ली से कोलकाता जाएंगे तो करीब दो घंटे का वक्त लगता है, लेकिन जल्द ही ट्रेन से पांच घंटे 30 मिनट में इन दो महानगरों की यात्रा की जा सकेगी. दरअसल, दिल्ली-कोलकाता के बीच बुलेट ट्रेन चलाने की तैयारी हो चुकी है।

हलाकि इस परियोजना को पूरा होने में 13 साल लगेगा। पहले चरण में दिल्ली से वाराणसी के बीच आठ साल के अंदर ही बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी। बुलेट ट्रेन से दिल्ली से वाराणसी के बीच की दूरी को महज दो घंटे 37 मिनट में तय किया जा सकेगा। मालूम हो कि फिलहाल देश की सबसे तेज चलने वाली ट्रेन स्वर्ण शताब्दी नई दिल्ली से लखनऊ साढ़े छह घंटे जबकि, बनारस पहुंचने में राजधानी सुपर फास्ट को 9 घंटे और पटना 12 घंटे में पहुंचती है. दिल्ली से कोलकाता दुरंतो 17 घंटे में पहुंचाती है।

परियोजना से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें–

–पहले चरण में दिल्ली-वाराणसी 720 किमी लंबे रूट का निर्माण होगा और इसे पूरा होने में आठ साल लगेंगे. इस पर 52,680 करोड़ की लागत आएगी. इस पर बुलेट ट्रेन का सफर दो घंटे 37 मिनट में पूरा होगा.
–दिल्ली से लखनऊ का सफर 1 घंटे 38 मिनट में पूरा कर सकेंगे.
–दूसरा चरण वाराणसी-पटना का होगा. लगभग 228 किलोमीटर निर्माण में दो साल लगेंगे और तकरीबन 22 हजार करोड़ की लागत आएगी. बुलेट ट्रेन इस दूरी को मात्र 54 मिनट में पूरा कर लेगी.
–दिल्ली से पटना की दूरी करीब एक हजार किलोमीटर है, जिसे महज 3.30 मिनट में तय किया सकेगा.
–दिल्ली से कोलकाता की दूरी 1474.5 किलोमीटर है, जिसे महज 5 घंटे 30 मिनट में पूरा किया सकेगा.
–इस हाईस्पीड ट्रेन का किराया 4.5 रुपये प्रति किमी आंका गया है. यानी दिल्ली से लखनऊ का किराया 1980 रुपये और दिल्ली से वाराणसी का 3240 रुपये और दिल्ली से कोलकाता का किराया 6636 रुपये हो सकता है.
–इस ट्रेन की स्पीड 250 किलोमीटर प्रति घंटा होगी.