देवरिया / कुशीनगर

देवरिया में जिला पंचायत अध्यक्ष पर मुकदमा, अपहरण के मामले में चार गिरफ्तार

देवरिया: जनपद में एक युवक को बन्धक बनाकर करोड़ों रूपयों की सम्पत्ति बैनामा कराने के आरोप में आज पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर युवक को बरामद कर लिया है। घटना का मास्टर माइंड देवरिया जिला पंचायत अध्यक्ष राम प्रवेश यादव उर्फ बबलू है। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने यहां पत्रकारों को बताया कि विगत 28 अप्रैल को दीपक मणि उर्फ पियुष मणि निवासी देवरिया खास की गुमशुदगी सदर कोतवाली में दर्ज कराई गयी थी। जिसमें गुमशुदा व्यक्ति को जान का खतरा बताया गया था।

उन्होंने बताया कि आज पुलिस टीम को सूचना मिली कि गुमशुदा व्यक्ति को सदर कोतवाली क्षेत्र के अमेठी में एक व्यक्ति के कटरे में रखा गया है।पुलिस ने सूचना के बाद उक्त कटरे में दबिश देकर युवक को बरामद कर लिया गया। मौके से मुन्ना चौहान,ब्रह्य नन्द चौहान, धर्मेन्द्र गौंड को मौके से पकड़ लिया गया है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इंन लोगों ने दीपक मणि को 20 मार्च को सम्पत्ति बैनामा कराने के लिये सलेमपुर से बंधक बना लिया और 17 अप्रैल को जान मारने की धमकी देकर रजिस्ट्री आफिस ले जाकर बैनामा करा लिया। इस दौरान बंधक बने युवक के साथ मारपीट की जाती और उसको स्थान बदल बदल कर रखा जाता था।बंधक बने युवक को.बदमाश नशीली गोली खिलाकर कहीं ले जाते थे।

श्री कनय ने बताया कि युवक को जानमाल की धमकी देकर करीब दस करोड़ रूपयों की सम्पत्ति का बैनामा राम प्रवेश यादव,मेवाती देवी,मधु देवी और अमित कुमार यादव के नाम से कराई गयी थी।

पुलिस फरार जिला पंचायत अध्यक्ष की सरगर्मी से तलाश कर रही है।फरार जिला पंचायत अध्यक्ष पर पुलिस अधीक्षक ने दस हजार का ईनामी बदमाश घोषित करने के लिये अपने उच्चाधिकारियों को लिख रहे हैं और उसकी सम्पत्ति की जांच के लिये ईडी से जांच कराने के लिये शासन को लिख रहे हैं।फरार जिला पंचायत अध्यक्ष को मिले गनर को वापस ले लिया गया है।

बता दें कि शहर के देवरिया खास निवासी दीपक मणि पुत्र मंगलेश्वर मणि को 20 मार्च को सलेमपुर उपनगर से अपहरण कर लिया गया। कुछ दिन बाद इसकी भनक दीपक की बहन शालिनी को लगी तो उसने एसपी रोहन पी कनय से 10 अप्रैल को मोबाइल पर शिकायत दर्ज करायी और एसपी ने मामले की जाच स्वाट टीम को सौंप दी। साथ ही सदर कोतवाली में गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया था।

पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने पुलिस लाइन में इसका खुलासा करते हुए बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष की गिरफ्तारी को छापेमारी की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अभी तक इसमें पूर्व सासद की भूमिका नहीं पता चल पाया है। उसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जिला पंचायत अध्यक्ष की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने जिला पंचायत अध्यक्ष को भगोड़ा घोषित करते हुए दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष के मोबाइल बंद हो जाने के चलते पुलिस का सर्विलास से भी कोई लोकेशन नहीं दे रहा है।

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