देवरिया / कुशीनगर

शेल्टर होम कांडः देवरिया प्रशासन का दावा, 17 लापता बच्चों, महिलाओं में से सात की कराई जा रही है तस्दीक

वेद प्रकाश दुबे
देवरिया: जिले के एक नारी संरक्षण गृह में हुये सेक्स रैकेट का खुलासा होने के बाद बुधवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने एक सांझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि छापे के बाद लापता 17 लोगों में से 10 की तस्दीक की जा चुकी है और सात अन्य की तस्दीक की जा रही है।

बुधवार को जिलाधिकारी अमित किशोर और पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने यहां पत्रकारों को बताया कि देवरिया के स्टेशन रोड और भुजौली कालोनी में कुछ दिन पूर्व शिकायत मिलने और एक बच्ची द्वारा नारी संरक्षण और बाल गृह से भगकर पुलिस को सूचना दिया कि यहां अनैतिक कार्य संचालकों द्वारा कराया जाता है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जानकारी के बाद पुलिस की टीम ने दोनों स्थानों पर छापा मारकर मौके से 23 महिला,बच्चों को मुक्त कराया था। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि 17 महिला और बच्चें लापता हैं।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 17 में से सात महिलाओं और बच्चों का तस्दीक होना बाकी है।श्री कनय ने बताया कि चूंकि महिला संरक्षण गृह सील कर दिया गया है और विधिक कार्रवाई के बाद ही सील खुल सकता है,इस कारण अभी सात लोगों की तस्दीक नहीं हो पाई है।

बुधवार को जिलाधिकारी अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक रोहन पी कनय ने यहां पत्रकारों को बताया कि देवरिया के स्टेशन रोड और भुजौली कालोनी में कुछ दिन पूर्व शिकायत मिलने और एक बच्ची द्वारा नारी संरक्षण और बाल गृह से भगकर पुलिस को सूचना दिया कि यहां अनैतिक कार्य संचालकों द्वारा कराया जाता है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जानकारी के बाद पुलिस की टीम ने दोनों स्थानों पर छापा मारकर मौके से 23 महिला,बच्चों को मुक्त कराया था। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला कि 17 महिला और बच्चें लापता हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 17 में से सात महिलाओं और बच्चों का तस्दीक होना बाकी है।श्री कनय ने बताया कि चूंकि महिला संरक्षण गृह सील कर दिया गया है और विधिक कार्रवाई के बाद ही सील खुल सकता है,इस कारण अभी सात लोगों की तस्दीक नहीं हो पाई है।

पुलिस अधीक्षक का कहना है कि जो सात लोग लापता बताये जा रहे हैं।उनमें से अधिकांश शादी सुदा महिलायें हैं।जिसके बारे में सम्भावना जताई जा रही है कि वे अपने घरों को जा चुकी हैं।जिसकी तस्दीक कराई जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि संस्था की तथा कथित संचालिका गिरिजा त्रिपाठी ने महिला संरक्षण गृह में 43 बच्चों और महिलाओं की सूची जिला प्रशासन को भेजी थी।इसकी जांच 7 जुलाई को हुआ था। पांच अगस्त को पुलिस ने जब छापा मारा था तो पांच और अतिरिक्त लोग प्रकाश में आये थे।जिनकों गिरिजा त्रिपाठी ने सूची में दर्ज नहीं किया था।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में अभी तक दो लोगों संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उसके पति मोहन त्रिपाठी को गिलफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने मामले की जांच में संचालिका की दो बेटियों सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

वहीँ जिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधि संगत कार्रवाई किया जायेगा।

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