देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: जनपद में खुलेआम उड़ाई जा रहीं कोचिंग अध्यादेश की धज्जियां, प्रशासन बना सूरदास

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: जनपद में सरकारी स्कूलों के अध्यापक तथा कुछ सरकारी कर्मचारी खुलेआम अवैध कोचिंग सेंटरों का संचालन कर कोचिंग अध्यादेश की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं। वहीँ दूसरी तरफ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग इस मामले में मौन धारण किये हुए है। बताते चलें कि कोचिंग अध्यादेश 2002 में यह स्पष्ट रूप से आदेश दिया गया है कि कोई भी सहायता प्राप्त सरकारी व गैर सरकारी विद्यालय का शिक्षक कोचिंग, ट्यूशन नहीं पढ़ा सकते हैं तथा न ही किसी कोचिंग के संचालक उनसे किसी भी प्रकार की सेवा ले सकते हैं।

अध्यादेश में बाकायदा यह भी लिखा गया है कि अगर कोई इनका उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो उस अध्यापक की सेवा समाप्त कर दी जायेगी तथा उस कोचिंग के संचालक पर एक लाख तक जुर्माने का प्रावधान निर्धारित किया गया है। इसके बावजूद भी सरकारी विद्यालयों के अध्यापक इस अध्यादेश और शिक्षा विभाग को ठेंगा दिखाते हुए कोचिंग सेंटरों में अध्यापन का कार्य कर रहे हैं।

इतना ही नहीं जिले में संचालित इंटर कॉलेजों में पढ़ाने वाले शिक्षक जो कि अवैध रूप से कोचिंग सेंटरों का संचालन करते हैं, वह स्कूलों में बच्चों को प्रेक्टिकल में फेल करने की धमकी देकर अपने पास कोचिंग पढ़ने आने को मजबूर करते हैं तथा स्कूलों में न पढ़ाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन की चुप्पी ने इन अवैध कोचिंग संचालकों व सरकारी विद्यालय के अध्यापकों जो कि कोचिंग संस्थानों में अध्यापन कार्य कर रहे हैं के हौसलों को बुलन्द करने का कार्य कर रहा है।

इन कोचिंग सेंटरों के संचालकों और और इन शासकीय अध्यापकों को किए भी अधिकारी का खौफ नहीं है। नगर के बेलवा चुंगी पर संचालित द साइंस विजन तथा स्टूडेंट ट्यूटोरियल्स में अध्यापन कार्य करने वाले ये बेखौफ सरकारी अध्यापक तो यहां तक कहते हैं कि अगर किसी मे हिम्मत है तो हमारे कोचिंग संस्थानों को बंद करके दिखाये।

जनपद के पडरौना नगर में चल रहे कुछ अवैध कोचिंग सेंटरों में अध्यापन कार्य कर रहे कुछ सरकारी अध्यापकों का कहना है, कि कोचिंग हम पढ़ाते हैं तो लोगों को क्या दिक्कत है ? अगर किसी को दिक्कत है या प्रशासन में हिम्मत है तो सभी कोचिंग सेंटरों को बंद करके दिखा दे। ऐसा कह कर यह अध्यापक खुलेआम प्रशासन और शिक्षा विभाग को ठेंगा दिखा कर खुली चुनौती दे रहे हैं।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह सरकारी अध्यापक अवैध कोचिंग सेंटरों के संचालित होने वाले समय सुबह छः बजे से दस बजे तक तथा दोपहर दो बजे से देर शाम सात बजे तक में कभी भी कोचिंग अध्यादेश की धज्जियां उड़ाते देखे जा सकते हैं। बताते चलें कि नगर में संचालित होने वाले इन अवैध कोचिंग संस्थानों के बाहर आयेदिन मारपीट तथा लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं सुनने को मिलती रहती हैं, लेकिन मजे की बात यह है कि किसी भी कोचिंग के संचालकों द्वारा कभी भी किसी छेड़खानी या मारपीट के मामले में कोई तहरीर नहीं दी जाती है।

बताते चलें कि वैसे तो नगर में संचालित कोई भी कोचिंग संस्थान अव्यवस्थाओं से अछूता नहीं है, इन कुछ कोचिंग तो ऐसे हैं जहाँ के अध्यापकों के पास पर्याप्त योग्यता नहीं है लेकिन वो कोचिंग सेंटरों खोल कर उसको पैसे कमाने का अड्डा बना लिए हैं और बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने में कोई कोताही नहीं बरत रहे हैं। यह बात सिर्फ पडरौना नगर की ही नहीं वरन पूरे जनपद खड्डा, कसया, कुशीनगर, तमकुही, रामकोला, हाटा, कप्तानगंज सहित अधिकांशतः चौराहों पर अवैध कोचिंग सेंटरों का संचालन देखा जा सकता है।

शिक्षा विभाग को चढ़ावा चढ़ाते हैं कोचिंग संचालक और सरकारी अध्यापक

कुछ विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक ये अवैध कोचिंगों के संचालक तथा कोचिंग पढ़ाने वाले सरकारी अध्यापक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हर महीने चढ़ावा चढ़ाते हैं, जिसके कारण कोई भी अधिकारी इन अवैध कोचिंग संचालकों तथा सरकारी अध्यापकों पर कार्यवाही करने की हिमाकत नहीं कर पाता है, जिससे कि ये बेखौफ होकर अपना कोचिंग का धंधा संचालित करते हैं।

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