देवरिया / कुशीनगर

सपा-कांग्रेस गठबंधन: कुशीनगर में घोर राजनीतिक विरोधी कैसे मिलायेगें हाथ!

कुशीनगर (मोहन राव): अखिलेश यादव और राहुल गाँधी भले ही एक दूसरे से हाथ मिला प्रदेश की सत्ता में काबिज़ होना चाहते हो लेकिन कुशीनगर जनपद मे सपा और कांग्रेस के गठबन्धन को बेमेल जोड़ी के रूप मे देखा जा रहा है। पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं कांग्रेस के कद्दावर नेता कुंवर आर पीएन सिंह का यह गृह जनपद भी है। उनके वजह से कांग्रेस की यहां पर अलग पहचान है और वह राज परिवार से भी है।
पिछली विधानसभा चुनाव मे यहां से कांग्रेस ने दो सीटे खड्डा और सेवरही जीती थी। खड्डा विधानसभा से विजय दूबे तथा सेवरही से अजय कुमार उर्फ लल्लू सपा के प्रत्याशियों को पराजित कर कांग्रेस के ही टिकट पर पहली बार विधायक बने। जनपद मे ब्लाक स्तर से लेकर जिला स्तर तक कांग्रेस की सशक्त टीम है। समय-समय पर जिनका मार्ग दर्शन भी पूर्व केन्द्रीय मंत्री द्वारा किया जाता रहा है। इन्ही कार्यकर्ताओं और कुंवर आर पी एन सिंह के दम पर जनपद के सभी विधानसभाओ मे काग्रेस के सम्भावित प्रत्याशी घूम-घूम कर अपना प्रचार-प्रसार कर रहे है।
सपा-काँग्रेस के गठबंधन के बाद इन प्रत्याशियो मे मायूसी देखने को मिल रही है। सबसे बिषम स्थिति पडरौना, सेवरही, खड्डा तथा रामकोला (सु) सीट विधानसभा की है। हमेशा से पडरौना विधानसभा सीट पर राज परिवार का ही वर्चस्व रहा है। वहां से सपा ने बिजेंद्र पाल उर्फ बबलू को अपना प्रत्याशी बनाया
है। बबलू, सपा मे अच्छे रसूख रखने वाले नेता पूर्व सांसद बालेश्वर यादव के सुपुत्र है। बालेश्वर यादव और कुंवर आर पीएन सिंह की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता जग जाहिर है। लाख टेक का सवाल यह है की यदि गठबंधन के तहत सपा ने यह सीट अपने कोटे मे रखती है तो क्या आर पी एन सिह सिंह की कांग्रेस बबलू का समर्थन करेगी?
इसी तरह का मामला सेवरही विधानसभा सीट पर भी है। वहां से वर्तमान मे कांग्रेस पार्टी से अजय कुमार उर्फ लल्लू सीटिंग विधायक है। उनकी राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वता खासकर पूर्व राज्य मंत्री डाक्टर पीके राय से है। अजय कुमार ने 2012 मे पीके राय को पराजित कर यह सीट छीनी थी। दोनों की राजनीतिक प्रतिद्वन्द्वता चरम पर है। यदि गठबंधन के तहत कांग्रेस यह सीट मांगती है तो क्या पीके राय अपने समर्थको के साथ श्री कुमार का साथ देगें। यहां बता दे कि डॉक्टर पीके राय को सपा ने अपना प्रत्याशी बनाया है और वह अपने प्रचार प्रसार मे दिन- रात एक किये है।
पिछली चुनाव मे खड्डा विधानसभा सीट भी कांग्रेस झोली मे थी। लेकिन वहां के वर्तमान विधायक कुछ माह पूर्व कांग्रेस छोड़कर भाजपा मे शामिल हो गए। अब वहां से आर पीएन सिंह के करीबी राजकुमार सिंह जोर शोर से जनसंपर्क कर रहे है। जबकि सपा ने भी अपने पुराने प्रत्याशी नथुनी कुशवाहा को टिकट दिया है। श्री कुशवाहा भी वर्षो से जनसंपर्क तथा तरह-तरह के कार्यक्रम मे लगे है।
रामकोला सुरक्षित विधान सीट से कांग्रेस के राधेश्याम पासवान भी गांव गांव जनसम्पर्क कर रहे हैं। जबकि यहां से सपा ने सीटिंग विधायक डा पूर्णमासी देहाती को टिकट दिया है। जानकारो का कहना है कि सपा कांग्रेस का गठबंधन बेमेल है और दोनो दलो को नुकसान हो सकता है। कुछ भी हो यदि चुनाव पूर्व सपा- कांग्रेस गठबंधन सफल रहा तो सर्वाधिक नुकसान कांग्रेस का हो सकता है। कांग्रेस कही अपनी जमीनी कार्यकर्ता न खो दे ऐसा कयास लगाया जा रहा है।

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