देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर सीएमओ का दावा, मुसहरों की मौत बीमारी से हुई

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: जनपद के पडरौना तहसील क्षेत्र के ग्राम खिरकिया के मुशहर बस्ती मे दो भाइयों फेकू व पप्पू की मौत का मामला कुशीनगर के मुख्य चिकित्साधिकारी के बयान से एक नया मोड़ ले लिया है। सीएमओ ने कहा है कि दोनो भाईयो की मौत टीवी, खांसी बुखार व श्वास रोग से हुयी है। एक तरफ जहां भूख व कुपोषण से मुसहर बस्ती में लगातार मौते हो रही है, वहीं कुशीनगर के स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियो का चौंकाने वाला बयान सामने आ रहा है।

उन लोगो का कहना है कि मुसहर बस्ती मे मौते भूख व कुपोषण से नही हो रही है, बल्कि गम्भीर बीमारियों के कारण हो रही है। खुद इसका दावा करते हुये सीएमओ डा हरिचरण सिंह ने मामले का जांच कर अपनी आख्या सौंपते हुये जिलाधिकारी को अवगत कराया है। बताते चलें कि पडरौना तहसील क्षेत्र के ग्राम खिरकिया के मुसहर बस्ती मे बीते 14 सितम्बर की सुबह फेकू उम्र 22 वर्ष व शाम को उसका छोटा भाई पप्पू उम्र 16 वर्ष पुत्रगण सुदर्शन की मौत भूख व कुपोषण से हो गयी थी।

लेकिन कुशीनगर के सीएमओ डा0 हरिचरण सिंह ने जो जांच आख्या प्रस्तुत किये है, उसमे उन्होने दावे के साथ साफ शब्दों में कहा है कि दोनो भाईयो की मौत भूख व कुपोषण से नही बल्कि बीमारी के कारण हुयी है। मुख्य चिकित्साधिकारी का कहना है उक्त गांव के मुसहर बस्ती मे फेकू पुत्र सुदर्शन उम्र 22 वर्ष का काफी दिनो से टीवी, खांसी व बुखार से पीड़ित था। इलाज पहले से चल रहा था कि दिनांक 13 सितम्बर 2018 को स्थिति काफी खराब होने पर फेकू को इलाज के लिए जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान 14 सितम्बर को उनकी मौत हो गयी।

इस सम्बध में आख्या देते हुये सीएमओ ने कहा है कि मृतक फेकू 2 वर्षो से बुखार, खांसी, श्वांस रोग से पीड़ित था जिसको स्वास्थ्य टीम द्वारा 108 एम्बूलेंस से 13 सितम्बर को जिला क्षय रोग उपचार केन्द्र पडरौना पर लाया गया जहां तथा उसका परीक्षण किया गया। स्थिति गम्भीर देखते हुये 14 सितम्बर को जिला अस्पताल मे भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान प्रातः उसकी मौत हो गयी थी मौत भूख व कुपोषण से नही हुयी थी है बल्कि गम्भीर बीमारी के कारण हुयी है।

इसी प्रकार मृतक का छोटा भाई पप्पू पुत्र सुदर्शन उम्र 16 वर्ष जो श्वांस फूलने एवं खांसी से पीड़ित था तथा बांये फेेफड़े मे इन्फेंक्सन एवं दाहिने फेफड़े मे न्यूमोथेरेक्स था, जो गम्भीर स्थिति मे जिला अस्पताल मे भर्ती कराकर जांच एवं उपचार किया गया लेकिन इसके हालत मे कभी सुधार नही हो रहा था गम्भीर स्थिति बनी हुयी थी, जिसके कारण इलाज के दौरान 14 सितम्बर को सांय 9:15 बजे जिला अस्पताल मे मौत हो गयी।

इस प्रकार दावे के साथ सीएमओ ने कहा है कि इन दोनों मुसहरों की मौत भूख व कुपोषण से नही हुयी है, बल्कि बीमारी के कारण हुयी है। उन्होंने कहा कि मुसहर बाहुल्य गांवों मे स्वच्छता, स्वास्थ्य, कुपोषण व अन्य सरकारी योजनाओ मे संतृप्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है।

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