देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: भूख से मजदूर की मौत!

कुशीनगर (मोहन राव): पूर्वांचल की तराई क्षेत्र जहां पर भिन्न-भिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं। बीस से बाइस फीट पर पानी मिल जाता है। अगर ऐसे उपजाऊ धरती पर किसी की भूख से मौत होती है तो निश्चित ही लोकतंत्र पर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। साथ ही सरकार की खाद्य सुरक्षा योजना पर भी करारा तमाचा है। भूख से मौत होना कुशीनगर में आम बात हो गई है।
ताजा घटना जनपद की तमकुही राज तहसील के दुदही ब्लाक में अमवा दीगर गांव में देखने को मिला जहां भूख से दैनिक मजदूर 42 वर्षीय सुभाष सिंह पुत्र विश्वनाथ सिंह की मौत हो गई। मृतक के घर पर चार दिनों से चूल्हा नहीं जला था। जब ग्रामीणों को घर में भोजन सामान नही होने की भनक लगी तो ग्रामीण हंगामा शुरू कर दिए।
घटना की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार उर्फ लल्लू मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि प्रशासन से यथा संभव मदद दिलवाऊंगा। वहीँ मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने उस गांव के कोटेदार के विरुद्ध का कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। हलाकि सुभाष सिंह दैनिक मजदूरी करता था। मजदूरी का काम प्रतिदिन नही मिलने से उस की आर्थिक दशा खराब होती चली गई। घर में पर्याप्त मात्रा में राशन नहीं आ पा रहा था। सुभाष धीरे-धीरे कुपोषित होता गया और उसका तबीयत भी बिगड़ता चला गया।
कई दिनों से बीमार सुभाष को उसके परिजन जिला अस्पताल लाए जहां डाक्टरों ने स्थिति की गंभीरता देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहीं पर उस मजदूर की मौत हो गई । विगत कुछ माह पूर्व इसी ब्लॉक में मठिया माफी गांव में भूख और कुपोषण से दो भाइयों की मौत हुई थी ।इस घटना पर योगी आदित्यनाथ उस गांव में पहुंचकर पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद दिये थे।

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