देवरिया / कुशीनगर

प्रेमसागर का शव देखते ही फफक पड़े लोग, परिवार की सीएम से बात के बाद हुआ अंतिम संस्कार


देवरिया: जम्मू के सांबा सेक्टर में सीमा पर शहीद प्रेम सागर का शव जैसे ही देवरिया के भाटपाररानी तहसील अन्मतर्गत टीकमपार गांव पहुंचा। हर किसी की पलकें आंसुओं से भीग गई। और भारी संख्या में लोग शहीद को नमन करने पहुंचे। पुलिस लाइन में बॉर्डर पर शहीद जवान प्रेम सागर का शव बीएसएफ के हेलीकॉप्टर से तकरीबन 6 बजे देवरिया पहुचा। जिसके बाद शव को गांव मे ला या गया।
प्रेमसागर के शव को क्षत-विक्षत किये जाने को लेकर लोगों में गुस्सा है। शहीद देवरिया के भाटपाररानी तहसील अन्मतर्गत टीकमपार गांव के रहने वाले थे और 1994 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उनकी शहादत की खबर से जहां परिवार और क्षेत्र के लोगों में गम का माहौल रहा वहीं शव के साथ बर्बरता किये जाने को लेकर आंखों में गुस्सा भी।
शहीद की बेटी ने पीएम मोदी से मांग की है कि उसके पिता के शव के बदले 50 पाकिस्तानी सैनिकों का सिर भारत लाने की मांग की। मंगलवार को गांव में अंतिम संस्कार के लिये जवान का शव गांव पहुंचा तो लोगों ने अपने शहीद लाल की शहादत को देश के लिए गर्व की बात कही।
बता दें कि सोमवार को जब सैनिक प्रेम सागर सांबा सेक्टर में भारतीय सीमा पर गश्त कर रहे थे, तभी पाक की गोलाबारी में गम्भीर रुप से घायल हुए, जिसके बाद पाक सैनिकों ने उनके शव को क्षत-विक्षत कर दिया। खबर जब परिजनों और गांव के लोगों को मिली तो कोहराम मच गया। परिजनों का जहां रो-रोकर बुरा हाल रहा वहीं लोगों की आंखें भी नम थीं।वही ग्रामीडो में कितना आक्रोश है ।
देखिये फाइनल रिपोर्ट की एक रिपोर्ट……….
शहीद की पार्थिव शारीर गांव आने के बाद शहीद के घर और गांव आने वालों का तांता लग गया। पर कोई जनप्रतिनिधि न पहुचंने को लेकर परिजनों और गांव के लोगों में नाराजगी रही। शहीद की बेटी सरोज ने कहा भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मांग की है कि वह इस कायराना हरकत के लिये पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दें और एक सिर के बदले 50 पाक सैनिकों का सिर भारत लाएं।
शहीद प्रेम सागर के छोटे भाई भी देश की सीमा पर हैं तैनात
प्रेमसागर (50 वर्ष) बीएसएफ की 200 वीं बटालियन में हवलदार के पद पर जम्मू के सांबा सेक्टर में तैनात थे। सोमवार को पुंछ जिले के बीएसएफ की अग्रिम रक्षा स्थान (एफडीएल) में ड्यूटी पर मुस्तैद थे। तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर शहीद प्रेमसागर थे। बड़े भाई घर पर खेती करते हैं और छोटा भाई दयाशंकर प्रसाद भी बीएसएफ में हैं। प्रेमसागर की शादी लगभग बीस साल पहले हुई थी। प्रेम सागर के पीछे पत्नी ज्ञानती, बेटी सरोजा जिसकी शादी हो चुकी है, बेटी मोनिका और बेटे रणविजय व एक और बेटा है।तीन बच्चे अभी पढ़ रहे हैं।
गांव में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी
शहीद प्रेमसागर के गांव टीकमपार में जैसे ही शहीद का शव पहुंचा लोगों का पाकिस्तान के खिलाफ आक्रोश भड़क उठा। मंगलवार की सुबह से ही हजारों की संख्या में इलाके के ग्रामीण शहीद के दरवाजे पर जमा हो गए। लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। गांव के प्रधान लाल मोहम्मद के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन किया। पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगे और पीएम से सेना को कार्रवाई के लिये खुली छूट देने की मांग की।
रात में लोग मुख्यमंत्री को बुलाने पर अड़ गए थे, कृषि मंत्री द्वारा मोबाइल पर मुख्यमंत्री से बात होने पर माने लोग
देवरिया, बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेमसागर का अंतिम संस्कार आज सुबह उनके गांव टीकमपार में किया गया। इसके पहले गांववासी और शहीद के परिजन मुख्यमंत्री को बुलाने और ताबूत खोलकर शहीद के अंतिम दर्शन की मांग पर अड़ गए थे जिसके कारण अंतिम संस्कार में विलम्ब हुआ। मौके पर मौजूद कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही द्वारा परिजनों की मुख्यमंत्री से बात कराने के बाद सुबह शहीद का अंतिम संस्कार हुआ।

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