देवरिया / कुशीनगर

ख़ुशख़बरी: देवरिया मेडिकल कॉलेज को केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, अगस्त में रखी जा सकती है नींव

गोरखपुर: समूचे पूर्वांचल सहित देवरिया जिले के लिए केंद्र सरकार ने खुशियों की एक सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने बुद्धवार को देवरिया में मेडिकल कॉलेज बनाए जाने को मंजूरी दे दी। समिति ने केंद्र प्रायोजित योजना के दूसरे चरण के तहत 250 करोड़ रुपए की लागत से देवरिया में जिला अस्पताल को उन्नत बनाकर कॉलेज स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।

मौजूदा जिला या रेफरल अस्पतालों से जुड़े नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए योजना के दूसरे चरण के तहत प्रत्येक तीन संसदीय क्षेत्र में एक मेडिकल और प्रत्येक राज्य में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज का मानदंड है।

एक आधिकारिक बयान के अनुसार , ”उत्तर प्रदेश में आठ मेडिकल कॉलेज समेत 24 अतिरिक्त मेडिकल कॉलेज की जरुरत है। उत्तर प्रदेश में चिह्नित किए गए आठ मंडलों में से मंडल-6 में घोसी, सलेमपुर और बलिया संसदीय निर्वाचन क्षेत्र हैं।’’

बयान में कहा गया है , ‘‘ उत्तर प्रदेश की सरकार ने देवरिया में जिला अस्पताल को उन्नत बनाकर सलेमपुर में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की अनुशंसा की.’’ बयान में कहा गया है कि देवरिया जिला अस्पताल उचित भी है क्योंकि इसमें पर्याप्त संख्या में बेड और अन्य सुविधाएं हैं जिसमें एमसीआई के नियमों के अनुसार भूमि की उपलब्धता भी शामिल है.

जानकारी के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो अगस्त में जिला अस्पताल परिसर में ही मेडिकल कॉलेज की नींव रखी जाएगी। बिहार सीमा पर स्थित इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिले की स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के लिए मेडिकल कॉलेज खोलने की घोषणा हुई थी। करीब तीन वर्षों से यह प्रक्रिया कागजों में ही अटकी रही।

बीते तीन अप्रैल को बरहज के लबकनी में स्कूल चलो और दस्तक टीकाकरण अभियान के शुभारंभ में आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल के बाद इसे गति मिली। पहले मेडिकल कॉलेज के लिए उसरा बाजार में भूमि का प्रस्ताव हुआ, मगर बाद में जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल को समाहित करते हुए इसी परिसर में मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। इसमें भी काफी दिनों तक जमीन को लेकर पेंच फंसा रहा।

राजस्व रिकॉर्ड में स्वास्थ्य विभाग की बजाए सरकार बहादुर के नाम ही भूमि होने के कारण अफसरों को काफी माथापच्ची करनी पड़ी। तमाम जद्दोजहद के बाद सारी कमियां दूर कर जून में प्रस्ताव राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र को भेजा गया था। अब इस पर केंद्र से भी सहमति मिल गई है।

देवरिया में मेडिकल कॉलेज को लेकर ऐन वक्त पर आपत्ति जता दी गई थी। बलिया के भी लोगों को लाभ देने के लिए इसे देवरिया की बजाए सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत स्थापित करने की मांग बलिया सांसद ने की थी। उनका तर्क था कि सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में तीन विधानसभा क्षेत्र बलिया का भी है। लिहाजा वहां मेडिकल कॉलेज बनेगा तो दोनों जिलों को लाभ होगा।

मगर सलेमपुर लोस क्षेत्र में कहीं भी 200 बेड का अस्पताल नहीं होने के कारण वहां का दावा खारिज हो गया था। बताते हैं कि इसमें सदर सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने अहम रोल निभाया। उन्होंने पूरी दमदारी से देवरिया की पैरवी की।

(एजेंसी)

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