देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: एसपी कार्यालय के पास हुई हत्या का खुलासा, दो अभियुक्त गिरफ्तार

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: जिला मुख्यालय रविंद्रनगर में स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समीप बीते 19 नवम्बर की रात हुए एक अधेड़ की हत्या का खुलासा शनिवार की देर शाम को पुलिस अधीक्षक कुशीनगर राजीव नारायण मिश्र ने अपने कार्यालय में कर दिया। बताते चलें कि बीते 19 नवम्बर की रात को एसपी कार्यालय तथा एआरटीओ कार्यालय के बीच में पड़रौना कोतवाली थानान्तर्गत भिसवा सरकारी गांव निवासी जयराम गोंड़ की बदमाशो ने धारदार हथियार से नृशंस हत्या कर दी तथा फरार हो गए थे।

सरेआम जिले के पुलिस आलाकमान कार्यालय के पास हुए इस तरह की हत्या की सूचना मिलते ही जनपद के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर मौके पर पँहुची पुलिस ने मृतक का पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया तथा मामले की तहकीकात मे जुट गयी। मृतक के दो पुत्रों में से एक पत्रकार पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने 8 लोगो के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था।

बीते शनिवार की देर शाम को कुशीनगर पुलिस अधीक्षक राजीव नारायण मिश्र ने इस हत्या के मामले मे पत्रकार वार्ता कर जयराम गोंड़ हत्याकांड का खुलासा कर दिया। इस मामले में एसपी ने पत्रकारों को बताया कि पडरौना कोतवाली पुलिस ने इस हत्याकांड मे शामिल दो अभियुक्तो को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि चार अभियुक्त अभी फरार है।

उन्होंने बताया कि गत 19 नवम्बर की सांय जयराम गौंड निवासी भिसवा सरकारी थाना कोतवाली पड़रौना की कुछ बदमाशों द्वारा हत्या कर दी गयी थी, जिसमें पुलिस द्वारा गहराई से छानबीन करने, इलेक्ट्रानिक सर्विलांस व मुखबिर के सहयोग से घटना में नामजद अभियुक्तों से भिन्न अभियुक्तों का नाम प्रकाश में आया, जिसके आधार पर उपरोक्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तो मे गोलु मिश्रा उर्फ अनुराग मिश्रा पुत्र अरविन्द मिश्रा व मनोज शर्मा पुत्र सुरेन्द्र शर्मा दोनो निवासी दुदही थाना विशुनपुरा जनपद कुशीनगर है, इस दौरान इनके पास से एक अदद 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा, हत्या में इस्तेमाल अपाची बाइक और आला कत्ल गुप्ती को भी इनके निशानदेही पर बरामद कर लिया गया।

पुलिस द्वारा पुछताछ में अभियुक्तों ने बताया गया कि विगत वर्ष में बृजेश तिवारी हत्याकांड के सम्बन्ध में वादी संतोष गोंड़ का भाई मन्तोष गौंड व रुपक राय मुख्य आरोपी थे, जिसमें से मन्तोष जमानत पर छूटा हुआ है, इस मामले में रुपक राय द्वारा मन्तोष के पिता की हत्या कराकर वृजेश तिवारी के परिजनों को नामजद कराकर अपने से सुलह हेतु दबाव बनाना चाहता था। पुलिस द्वारा बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर थाना स्थानीय पर आवश्यक विधिक कार्यवाही कर शनिवार को ही दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

इस घटना का अनावरण करने तथा गहराई से छानबीन करने में इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम के अलावे कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विजयराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक कसया सुशील शुक्ला, उपनिरीक्षक नागेंद्र सिंह, प्रभारी स्वाट टीम श्याम लाल यादव, उपनिरीक्षक विकास यादव, कांस्टेबल रविंद्र यादव, विकास यादव, मुबारक, रणविजय सिंह, अशोक सिंह, मनोज यादव, रणजीत यादव, शिवानंद सिंह, अमित सिंह, चालक काशीनाथ सिंह, चंद्रभान वर्मा कंप्यूटर ऑपरेटर सर्विलांस सेल सुशील सिंह का सराहनीय योगदान रहा।

फर्जी, मनगढ़ंत व दबाव में किया गया खुलासा: वादी संतोष गोंड़

मृतक जयराम गोंड़ का एक पुत्र संतोष गोंड़ जो कि पत्रकार है, यह खुलाशा सुनते ही एसपी कार्यालय के बाहर विफर पड़ा और कुशीनगर पुलिस को कठघरे मे खड़ा करते हुये इस हत्याकांड के खुलासे को फर्जी, मनगढ़ंत और दबाव मे लिया गया खुलासा बताया। उसने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस ने मेरे साथ अन्याय किया है, न्याय न मिलने पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण मे जाने को कहा।

मिली जानकारी के मुताबिक मृतक का पुत्र हत्याकांड का खुलासा होने के बाद इस हत्याकांड के खुलासे से निराश हो गया। उसने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जिसको नामजद किया उससे भिन्न नाम पुलिस द्वारा बताया गया है तथा इस हत्याकांड का खुलासा न्याय का गला घोटने वाला है, मुझे न्याय नही मिला है। उसने पुलिस के कार्यप्रणाली पर ही सवालिया प्रश्न खड़ा कर दिया, पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर विफरते हुये कहा कि मै पत्रकार हूं, लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ हूं, मेरे पिता की हत्या होती है और असल आरोपी गिरफ्तार नही होते हैं, अतः मैंने अब यह मान लिया कि लोकतंत्र के चाैथे स्तम्भ को न्याय नही मिला तो आम आदमी को न्याय कदापि नही मिल सकता। मै अब कोर्ट की शरण मे जाऊंगा और न्याय की गुहार लगाऊंगा।

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