देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: तीन महीने बाद भी भगायी गयी लड़की की बरामदगी नहीं, पिता ने लगाई सीएम से गुहार

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: लगभग तीन महीने पहले नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र से भगायी गयी लड़की की महीनों बाद भी बरामदगी न होना या पुलिस को इस मामले में कोई सुराग हाथ न लगना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बीते 9 जुलाई को नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक गांव की नाबालिग हिन्दू लड़की को पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव का दूसरे कौम का युवक बहला फुसलाकर भगा ले गया।

बाद में शाम को लड़की के पड़ोसी ने उसे पडरौना बस स्टैंड पर उस लड़के के साथ देखा तो उसके घर पर सूचना दिया, इसके बाद लड़की के घरवालों ने लड़के के ऊपर भा०द०वि० की धारा 366,363 में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा होने के बाद थानाध्यक्ष नेबुआ नौरंगिया निर्भय सिंह ने उस लड़के को दबिश देकर हिरासत में लिया लेकिन सूत्रों के अनुसार उसकी गिरफ्तारी न दिखाकर उसकी थाने में मेहमाननवाजी करने लगे।

इस सम्बंध में पीड़ित लड़की के पिता का कहना है कि थानाध्यक्ष द्वारा लापरवाही को देखते हुए मैंने उच्चाधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई और जब इसके बाद थाने में अपना पक्ष जानने पँहुचा तो थानाध्यक्ष ने मुझे माँ बहन की गाली देकर भगा दिया। मिली जानकारी के अनुसार लड़की को घर से गये तीन सप्ताह से अधिक हो गया लेकिन अभी तक उसकी बरामदगी नहीं हो पाई है इस प्रकार पुलिस की यह कार्यप्रणाली पुलिस पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है कि आखिरकार जब पुलिस ही अपराधियों को संरक्षण देने लगेगी तो फिर गरीब और मलजुम लोग न्याय के लिए कहाँ जायेंगे।

इस मामले में युवती के पीड़ित पिता ने मुकामी थाने की पुलिस को नामजद तहरीर देकर अपहरण व हत्या का आरोप लगाते हुए कार्यवाही का मांग किया है, पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपहरण का केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन घटना के 4 माह बाद भी युवती का सुराग लगाने में पुलिस विफल रही है। युवती के आने में जितना ही विलंब हो रहा है परिजन बेहाल होते जा रहे हैं।

इस बावत युवती के पीड़ित पिता ने दिये प्रार्थना पत्र मे जिक्र किया है कि उसकी नाबालिग पुत्री को 9 मई 2018 को एक दूसरे समुदाय का युवक जो पडरौना कोतवाली के जगदीशपुर के टोला विशुन पट्टी का निवासी है वह अपने एक मित्र के सहयोग से नाबालिक युवती को भगा ले गया। पीड़ित ने तहरीर में यह भी जिक्र किया है कि या तो उसकी लड़की की हत्या कर दी गई है या कहीं लाकर बेच दिया गया है। इस संबंध में यहां की पुलिस द्वारा कार्यवाही नहीं किए जाने से नाराज होकर पीड़ित ने मुख्यमंत्री को प्रार्थना पत्र भेजकर अपनी पुत्री का पता सुराग लगाने का गुहार लगायी है।

इस मामले में नेबुआ नौरंगिया थाने की पुलिस की कार्यवाही सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई है। पीड़ित पिता आला अधिकारियों के दफ्तरों का गणेश परिक्रमा करने को विवश है, लेकिन उसे न्याय नहीं मिलने की दशा में धरना प्रदर्शन तथा आत्मदाह करने की चेतावनी भी दी है। इस बावत पुछे जाने पर एएसपी ने बताया की मामला संज्ञान में नहीं है। थाने से पता करवाता हूँ।

एसपी ने दिया आदेश एएसपी ने कहा मामले की जानकारी नहीं

बताते चलें कि इस अपहरण के मामले में पुलिस अधीक्षक कुशीनगर ने कई बार थानाध्यक्ष नेबुआ नौरंगिया को निर्देशित किया, लेकिन मामले के तीन महीने बर्फ भी लड़की की बरामदगी और मामले का पर्दाफाश न होना पुलिस की शिथिलता और लापरवाही को दर्शाता है। इस मामले में मजे की बात यह बताता दें कि जिस मामले में एसपी आदेश देता है उसी मामले में एएसपी कहता है कि मामले की जानकारी नहीं है थाने में दिखवाता हूँ।

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