देवरिया / कुशीनगर

2019 लोक सभा चुनाव के लिए देवरिया में सम्भावित उम्मीदवारों की कसरत शुरू

वेद प्रकाश दुबे
देवरिया: देश में अगले साल होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिये देवरिया संसदीय क्षेत्र से अभी से सम्भावित प्रत्याशियों की कसरत शुरू होती देखी जा रही है। देवरिया 66 लोकसभा क्षेत्र में देवरिया सदर विधान सभा क्षेत्र, पथरदेवा विधान सभा क्षेत्र, रामपुर कारखाना विधान क्षेत्र और कुशीनगर जिले के दो विधान सभा तमकुहीराज और फाजिलनगर आते हैं।

देवरिया संसदीय क्षेत्र में आने वाले विधान सभा क्षेत्रों में विधायकों की दलीय स्थिति देखी जाय तो देवरिया से भाजपा के जनमेजय सिंह, रामपुर कारखाना से भाजपा के कमलेश शुक्ला, पथरदेवा से प्रदेश में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही विधायक हैं। वहीँ कुशीनगर जिले के विधान सभा क्षेत्र तमकुहीराज से कांग्रेस के लल्लू सिंह विधायक हैं तथा फाजिल नगर से भाजपा के गंगा सिंह कुशवाहा विधायक हैं।

देवरिया संसदीय क्षेत्र से वर्तमान में भाजपा के वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र सांसद हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र के बारे में कयास लगाया जा रहा है कि वो अपनी पारी खेल चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उम्र के इस दहलीज पर पार्टी उन पर दोबारा दावं नहीं खेलेगी। हालांकि कलराज बड़े नेता हैं और पूरी तरह से उन्हें दरकिनार भी नहीं किया जा सकता।

राजनीति के जानकारों के अनुसार देवरिया में विभिन्न पार्टियों से टिकट दावेदारों की टिकट के लिये अभी से कसरत शुरू मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार भारतीय जनता पार्टी से यहां के दावेदारों में पत्रकार से नेता बने और वर्तमान में पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी, एमएलसी दवेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व सांसद श्री प्रकाश मणि त्रिपाठी के बेटे शंशाक मणि त्रिपाठी, अजय मणि, बरहज से पूर्व विधायक दुर्गा मिश्र के बेटे शाका मिश्र सहित वर्तमान सांसद कलराज मिश्रा भी हैं।

वहीं कांग्रेस, सपा और बसपा के गठबन्धन के बाद यहां से किस पार्टी को गठबन्धन सीट देती है यह देखना बड़ा दिलचस्प होगा। वैसे बसपा, सपा और कांग्रेस के नेताओं ने क्षेत्र में अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है। यहां से बसपा के नियाज खान क्षेत्र में संदेश देने का प्रयास कर रहे हैं कि वह बसपा प्रत्याशी हो सकते है। इसी तरह से यहां से समाजवादी पार्टी से पूर्व राज्य सभा सदस्य और स्व मोहन सिंह की पुत्री भी एक दावेदार हैं।

सूत्रों के अनुसार पूर्व मंत्री और किसान नेता राधेश्याम सिंह ने भी इस सीट पर अपनी नजर बनाये रखी है। यदि सपा-बसपा-कांग्रेस में गठबंधन होता है और यह सीट सपा के खाते में जाती है तो राधेश्याम सिंह एक चौंकाने वाले उम्मीदवार के रूप में सामने आ सकते हैं। क्यूंकि उनके गृह जनपद कुशीनगर लोक सभा की सीट कांग्रेस को ही जाएगी। ऐसे में वहां से पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ही उम्मीदवार होंगे। ऐसे में यदि राधेश्याम सिंह यदि देवरिया सीट सपा के खाते में जाती है तो राधेश्याम सिंह यहाँ से मजबूती से लड़ेंगे। यह बात और है कि उन्हें इस सीट पर अपने ही पार्टी के कुछ कद्दावर नेताओं के अंदरखाने विरोध का भी सामना करना पद सकता है।

सपा से देवरिया सीट पर एक नाम और सामने आ सकता है और वो है पूर्व मंत्री ब्रह्माशंकर त्रिपाठी का। हालांकि ना तो राधेश्याम सिंह और ना जी श्री त्रिपाठी ने अभी तक कोई दिलचस्पी नहीं दिखयी है और ना ही क्षेत्र में संपर्क शुरू किया है।

वहीँ सूत्रों के अनुसार देवरिया में कांग्रेस के तरफ से अभी तक एक मात्र चेहरा पूर्व विधायक और पार्टी प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह को उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा है।

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