देवरिया / कुशीनगर

देवरिया लोकसभा सीट: भाजपा के विभीषण कहीं डाल ना दे रंग में भंग

राकेश मिश्रा/वेद प्रकाश दुबे
देवरिया: उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा से लगे देवरिया संसदीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विभीषण कहीं चुनाव के रंग में भंग न डाल दें। इस पर पार्टी शीर्ष नेतृत्व को यहां पैनी नजर रखनी होगी। इस सीट पर 19 मई को मतदान होगा। लेकिन अभी तक भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने यहां से अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। यहां से मौजूदा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने पहले ही चुनाव ना लड़ने की घोषणा कर दी है। कलराज पहले तो अपनी सांसदी की नई पारी की शुरुआत करने के लिये कटिबद्ध दिख रहे थे। उनका कहना था कि जहां मैं था, वहां रहुंगा और देवरिया को विकास के पथ पर और आगे ले जाने के लिये लगा रहुंगा। हालांकि बाद में उन्होंने अपनी दावेदारी वापस ले ली।

कलराज की दावेदारी की वापसी के बाद देवरिया संसदीय सीट पर भाजपा के अन्य दावेदार अब दिल्ली की गणेश परिक्रम कर रहे हैं। कभी टीवी पत्रकार रहे और आज भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी, लोकसभा चुनाव की घोषणा होने से पूर्व एक एनजीओ चलाने वाले पूर्व भाजपा सांसद श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के पुत्र शंशाक मणि त्रिपाठी और एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह भी यहां से अपनी दावेदारी दिखा रहे हैं।

वहीँ इस सीट से एक नया नाम पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रमापति राम त्रिपाठी का भी चर्चा में है। जूता काण्ड के बाद माना जा रहा है कि संतकबीरनगर से शरद त्रिपाठी का टिकट कटना तय हैं। वहीँ संतकबीरनगर से बसपा के टिकट पर पूर्व सांसद भीष्म शंकर उर्फ़ कुशल त्रिपाठी के मैदान में आ जाने से वहां भाजपा की राह पथरीली दिख रही है। ऐसे में पार्टी ब्राह्मण बाहुल्य देवरिया सीट से रमापति राम पर दावं खेल सबको चित करना चाह रही है।

अभी पिछले दिनों पार्टी से संगठन के दो बड़े पदाधिकारी देवरिया में कार्यकर्ताओं की राय शुमारी के लिए आये थे। जिसमें टिकट चाहने वाले यहां से भाजपा एक भावी उम्मीदवार के समर्थक बताये जा रहे कुछ लोगों ने संगठन के पदाधिकारियों के सामने ही कलराज मिश्र का विरोध करते हुये। उनके खिलाफ नारेबाजी कर यहां से कलराज के खिलाफ विरोध का विगुल बजाने का प्रयास कर दिये हैं। हलाकि बाद में कलराज ने स्वयं अपनी दावेदारी वापस ले ली।

रही सही कसर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि ने कर दी। गौरतलब है कि श्रीप्रकाश मणि का एक वीडियो कुछ दिनों पूर्व वायरल हुआ है। जिसमें पूर्व सांसद एक वेब पोर्टल से यह कहते दिखे कि कलराज मिश्र देवरिया के लिये बाहरी व्यक्ति हैं। वे एक असफल सांसद हैं। अगर पार्टी उनको यहां से एक बार फिर से टिकट देती है, तो कार्यकर्ताओं में विरोध हो सकता है। प्रकाश मणि वायरल वीडियो में यह कहते दिख रहे हैं कि देवरिया में भाजपा को लाने का श्रेय उनके परिवार का है। गौरीबाजार विधानसभा से जब भाजपा पार्टी का यहां कोई विशेष जनाधार नहीं था तो हमारे भाई श्रीनिवास मणि उर्फ श्री बाबू विधायक बने थे। उन्होंने वीडियो में कहा था कि वो दो बार यहां समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता रहे मोहन सिंह को पराजित कर देवरिया में भाजपा का परचम लहराने का काम किया था।

सूत्रों के अनुसार पूर्व सांसद श्रीप्रकाश मणि के इस बयान को कई रूपों में देखा जा रहा है। एक तो उनके वायरल वीडियो में अपना दम्भ दिखाने का प्रयास देखा जा सकता है, दूसरे अर्थों में अगर यहां से कोई उनके पुत्र के अलावा मैदान में आता है तो उनका पार्टी के लोग विरोध कर सकते हैं। अब देखना होगा कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व इन विभीषणों से कैसे निपटता है। यह आनेवाला समय बतायेगा।

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