देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर में RO प्लांट वाले लोगों के जीवन के साथ कर रहे हैं खिलवाड़

कुशीनगर (मोहन राव): पूर्वांचल की धरती कुशीनगर जहां पर पानी बीस फुट पर मिलता है। लेकिन यह पानी पीने योग्य नहीं होता है इसमें आरसेनिक की मात्रा अधिक पाई जाती है। इस पानी से जल जनित बीमारियां जनपद में होती हैं। जगह जगह दीवालों पर सरकार द्वारा पोस्टर लिखवाए गए हैं कि खिंचुआ नल से पानी मत पियो सरकारी इंडिया मार्का हैंडपंप का पानी ही प्रयोग करें। इसीलिये सरकार ने इंडिया मार्का पंप उपलब्ध कराया।
लेकिन सरकारी उदासीनता की भेंट चढ़ सारे इंडिया मार्का पंप खराब पडे हैं। ऐसे मे आम जन मानस शुद्ध पेय जल के लिये गावों व शहरो मे आर ओ प्लाट से जल खरीदना शुरु किया। लेकिन दुखद यह है कि आर ओ प्लांट चलाने वाले पैसो के भूखे दरिन्दे बन कर पूरी मानवता को ही नष्ट करने में लगें हैं। आर ओ प्लांट वाले खुले तौर पर दूषित जल की आपूर्ति गावों व शहरो मे खुले आम कर रहें है और विश्वास कर ग्रामीण यह दुषित जल पीकर गम्भीर बीमारियो के शिकार हो रहें हैं लेकिन विभाग के लोग और जिला प्रशासन इन पर कारवाई नही कर रहा है।
आखिर जिला प्रशासन की वह कौन सी मजबूरी है जो इनके प्लांटो की जांच नही कर रही है ।आज सी एचसी और पीएचसी पर पेट के बीमारियों हैजा अतिसार खुनी आंव पेट दर्द के मरीजो की भरमार लगी हुयी है इसका सिर्फ एक कारण है दूषित जल का सेवन।
सुत्रो से मिली जानकारी के अनुसार आर ओ वाटर फिल्टर प्लांट लगाने वालो को कम से कम तीन या चार बार फिल्टर करना चाहिये लेकिन वे फिल्टर करना तो तो वे केवल पानी को ठंडा कर उसे १६ व २० लीटर की बाटलों मे भर कर सप्लाई कर अपनी तिजोरिया भरने मे मशगुल है एक वाटर फिल्टर प्लांट पर जाकर बैठ कर यह
देखा गया कि संचालक ने पहले से ठंडा कूल्ड वाटरो को फटा फट बाटलो मे भरता गया फिर उसे गाडियो पर लादा और उसे मार्केट मे भेज दिया।
ऐसा करके उसने जहा लेबर चार्ज से बचा वहीं बिजली के खर्चे से उसे मुक्ति मिली लेकिन पैसा बचाने के चक्कर मे वह मानवता का गला घोट रहा है उसे यह पता नही कि लोग उनके द्वारा दिया गया दूषित जल पीकर परिवार के परिवार बर्बाद हो रहें हैं जहा शारिरिक रुप से बीमार हो रहें हैं वही आर्थिक नुकसान भी पहुच रहा है।अगर इन आर ओ वाट फिल्टर प्लांटो पर तत्काल छापे मारकर कारवाई नही की गयी तो स्थिति संभालनी भी प्रशासन को मुस्किल हो जायेगा।
बताते चले तत्कालीन जिलाधिकारी रिग्जियान सैम्फिल ने ऐसे सभी वाटर फिल्टर प्लाटों पर कडा रुख अपनाया था लेकिन शीघ्र ही उनका स्थानांतरण हो गया उसके बाद जनपद दो जिलाधिकारी आये उन्होने इस पर तनिक भी ध्यान नही दिया और आर ओ प्लाटों को चलाने वाले कथित धन पशु जनता को बिमार करने मे लगे रहे अब चूकि प्रदेश मे योगी सरकार भी है और कुशीनगर मे नवागत जिलाधिकारी ने कार्यभार संम्भाला अब देखना गौर तलब होगा कि इन दूषित जलापूर्ति चलाने वाले आर ओ प्लांटो व उनके संचालको पर कब और कितना प्रभावी कदम उठातें है।
इस ज्वलंत समस्या पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मंडलायुक्त गोरखपुर और जिलाधिकारी को भी त्वरित संज्ञान लेना जरुरी है वैसे पुरे प्रदेश मे इस पर सघन जाँच अभियान चलाये जाने की जरुरत है अन्यथा पूरे प्रदेश मे स्वास्थ्य सेवाओं पर भी प्रश्न चिन्ह लग जायेगा और शासन प्रशासन को कठीन दौर का सामना करना पड सकता है। इस समस्या के त्वरित निदान के लिये युद्ध स्तर पर लग कर खराब पडे सभी इंडिया मार्का हैंड पंपो को रिबोर करना जरुरी है ताकि आम जन को शुद्ध पेय जल की कमी महसुस न हो।
जनपद के सभी तहसीलो मे बटा कुशीनगर 1000 ग्राम सभा मे विभक्त है जिसमे नगरपालिका पडरौना के रामकोला, कप्तानगंज, हाटा, कसया, तमकुहीराज, सेवरही,
सुकरौली बाजार, टेकुआटार, लक्ष्मीगंज, मोतीचक, मथौली बाजार, रगडगंज बाजार, विजयपुर बाजार, मथौली बाजार से सटे लक्ष्मीपुर, सहित सभी ग्रामीण क्षेत्रों मे सैकडों की संख्या मे आर ओ वाटर फिल्टर वाटर प्लांट धडल्ले से चलाये जा रहें है प्रशासन अगर गुप्त तरीके से अचानक छापे की कारवाई करे तो शायद प्रशासन के होश उड जायेंगे। और कितने लोग कानून की गिरफ्त मे होंगे यह बता पाना मुश्किल होगा।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *