देवरिया / कुशीनगर

देवरिया बालिका गृह मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका की भी होगी जांच

देवरिया: शहर में में बालिका गृह कांड की जांच जहां शासन के आदेश पर एसआईटी, एसटीएफ गोरखपुर यूनिट की टीम और स्थानीय पुलिस इस समय कर रही है, वहीं इस मामले में शासन के आदेश पर स्थानीय पुलिस की भूमिका की जांच एडीजी गोरखपुर जोन दावा शेरपा को सौंपी गई है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ वर्ष पूर्व शासन ने गिरिजा त्रिपाठी की कथित संस्था का अनुदान रोक दिया था और जून 2017 को उसकी मान्यता समाप्त कर दी गयी थी। इसके बाद जिला प्रोबेशनल अधिकारी ने इस संस्था को अवैध घोषित कर दिया था।

मान्यता समाप्त होने के बाद भी गिरिजा त्रिपाठी की कथित संस्था बालिका गृह में किस आधार पर बच्चियों को रखा जाता था। यह जांच का विषय है।

गौरतलब है कि इस सम्बन्ध में निवर्तमान जिलाधिकारी सुजीत कुमार ने शासन के निर्देश के क्रम में मां विंध्यवासिनी महिला प्रशिक्षण एवं समाज सेवा संस्थान द्वारा संचालित संस्थाओं को रोकने के लिए 19 सितंबर 2017 को पुलिस अधीक्षक देवरिया को पत्र लिखकर इस संस्थान की मान्यता रद्द होने की जानकारी कराकर उसमें रहने वाले बच्चों को दूसरे जिलों की संस्थाओं को भेजने की बात थी।लेकिन इस पर स्थानीय पुलिस द्वारा संज्ञान नहीं लिया जा सका था।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *