देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: प्रशासन की नाक के नीचे सिचाई विभाग की भूमि पर विद्यालय का अवैध कब्जा, प्रशासन लाचार

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: सरकार चाहे प्रदेश में सुधार के लिए कितने भी नियम कानून बना ले, लेकिन जबतक अधिकारी सरकार के साथ नहीं चलते कोई भी नियम कानून को जमीन पर नहीं उतारा जा सकता। हम बात कर रहे हैं, अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए कानून की। कानून तो पारित हो गया लेकिन उसको जमीन पर अमलीजामा पहनाने वाले जो अधिकारी कर्मचारी हैं वो स्वयं जब तक मिलीभगत का खेल खेलेंगे तब तक, तू डाल डाल मैं पात पात की कहावत चरितार्थ होती रहेगी।

खबर है कि जनपद के विशुनपुरा ब्लाक स्थित बड़हरागंज बाजार में आबादी से सटे इलाके में सिंचाई विभाग की जमीन पर कब्जा कर कई वर्षों से एक विद्यालय संचालित किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार इस बात की खबर जनपद के आला अधिकारियों को भी है, उसके बाद भी इस सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके, अवैध तरीके से विद्यालय को संचालित किया जा रहा है।

मिली खबर के मुताबिक कुछ वर्षों पहले राजस्व विभाग के द्वारा जमीन को गलत तरीके से एक संस्था के नाम चढ़ा दिया गया था, तब से इस जनीम पर उस संस्था ने कब्जा जमाया हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार जनपद के विशुनपुरा ब्लाक के बड़हरागंज बाजार में आबादी से सटे इलाके में सिंचाई विभाग की कुछ जमीन है, जिसपर कुछ वर्षों पूर्व से कागजों में हेराफेरी करके एक प्राइवेट विद्यालय संचालित हो रहा है।

सूत्रों से मिली खबर के मुताबिक वह विद्यालय पूर्व में सत्ता में रही पार्टी के किसी कद्दावर नेता का है, जिसकी वजह से प्रशासन उस विद्यालय पर हाथ डालने से कतराता है। कहा जा रहा है कि पहले सिंचाई विभाग की इस जमीन को गलत तरीके से एक संस्था के नाम चढा दिया गया था लेकिन जब स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत की तो राजस्व विभाग इसे अपनी गलती मानते हुए, इस गलती को दुरुस्त कर हुई जांच के बाद राजस्व विभाग ने बन्नी देवी कन्या मा. विद्यालय का नाम निरस्त करके भट्ठा गण्डक कैनाल, सिंचाई विभाग का नाम स्वामित्व में चढ़ा दिया।

अब यह जमीन सिंचाई विभाग के नाम अंकित होने के बावजूद भी उस विद्यालय के न हटने से इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है, कि जिले के उस नेता की प्रशासन में कितनी गहरी पैठ है। यहां हैरान कर देने वाली बात यह है कि, बेसिक शिक्षा अधिकारी और जिला विद्यालय निरीक्षक ने इस मामले पर इस विद्यालय को पिछले जुलाई महीने में नोटिस तो जारी की थी, लेकिन बेखौफ चल रहे इस अवैध विद्यालय को बंद कराने और कब्जा हटवाने का प्रयास कभी नहीं किया गया।

जानकारी के मुताबिक इस मामले को लेकर उक्त बड़हरा गांव के लोगों ने भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता एजाज के साथ मिलकर इस मामले के खिलाफ जिले से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक आवाज उठा रखी है। इस मामले में जब विशुनपुरा क्षेत्र के एबीएसए एसएन प्रजापति से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने पहले तो इस तरह के किसी भी मामले से अपने को अनभिज्ञ बताया, लेकिन बाद में उन्होंने जल्द मामले का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जायेगी।

बताया जा रहा है कि यह अवैध विद्यालय पूर्व में सत्ता में रही पार्टी से जुड़े जिले के एक बड़े कद्दावर नेता का है, कहीं न कहीं यही कारण है कि इस सम्बन्ध मे जिम्मेदार अधिकारी कानून का पालन करने के बजाए सिर्फ कागजी खानापूर्ति में लगे रहते हैं।

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