देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: दो समुदायों में तनाव के बीच प्रशासन ने शव को दफन कराया

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: बुद्धवार को जनपद के पडरौना थानान्तर्गत एक गांव में उस वक्त तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब एक समुदाय विशेष के लोग मृतक महिला को दफनाने के लिए गांव के पास स्थित कब्रिस्तान में जा रहे थे। मिली जानकारी के मुताबिक पडरौना कोतवाली अंतर्गत गांव आधार छपरा निवासी एक मुस्लिम समुदाय की महिला की मौत बुद्धवार की सुबह हो गई थी। जिसको दफनाने के लिए मृतक महिला के रिश्तेदार और सहयोगी उसी गांव में स्थित एक विद्यालय बुद्वनाथ सरस्वती शिशु मंदिर के बगल में स्थित विवादित कब्रिस्तान पर पहुंचे।

जिसके बाद दोनों पक्षों में किसी बात को लेकर नोकझोंक होने के बाद तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। दो समुदायों में नोकझोंक की सूचना मिलते ही मौके पर फोर्स के साथ पहुंचे कोतवाल व राजस्व टीम ने लोगों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराते हुए शव को दफन करा दिया।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक पडरौना से रामकोला जाने वाली रोड के किनारे अधारछपरा गांव में एक व्यक्ति की काश्तकारी की जमीन है जो कि उसी में स्कूल चलाते है तथा उसी विद्यालय के बगल में समुदाय विशेष के कब्रिस्तान की जमीन भी है, जिसका सीमांकन कार्य नहीं होने के कारण समुदाय विशेष दफन के दौरान हमेशा विवाद होता रहता है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार विद्यालय के प्रबंधक द्वारा प्रशासन को कई बार शिकायती प्रार्थना पत्र देने के बाद भी प्रशासन उस कब्रिस्तान का सीमांकन कराने का जहमत नहीं उठाता है। तहसील प्रशासन की इस लापरवाही का बड़ा खामियाजा आज लोगों को भुगतना पड़ सकता था। हुआ यूं कि आज बुद्धवार को अधारछपरा निवासी झक्कड़ हाशमी की 90 वर्षीय पत्नी की मौत हो गई। उनके शव को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग दफनाने के लिए उक्त गांव स्थित विवादित कब्रिस्तान पर पहुंचे।

जहां सरस्वती शिशु मंदिर के प्रबंधक महेंद्र दीक्षित ने उन लोगों को दूसरे रास्ते शव को ले जाने की बात कही जो कि मृतक के करीबियों को नागवार लगी, जिसे लेकर दोनों समुदाय के लोगों में नोकझोंक होने लगी तथा तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। शव दफनाने को लेकर दो समुदायों में हुए नोकझोंक के बाद तनाव की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार रामनाथ पटेल, कोतवाल विजय राय सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंचकर दोनों समुदाय के लोगों को समझा-बुझाकर शव को दफन कराकर मामले को शांत कराया।

बताया जाता है कि कब्रिस्तान की जमीन पर विवाद होने के कारण हमेशा शव दफनाने को लेकर विवाद उत्पन्न हो जाता है और प्रशासन इसे गंभीरता से नहीं लेता है। अगर प्रशासन इस घटना को लेकर नहीं चेता तो फिर कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है।

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