देवरिया / कुशीनगर

कुशीनगर: दलित बस्ती में शिक्षा की लौ जला रहे हैं नवयुवक

आदित्य कुमार दीक्षित
कुशीनगर: आज के बदलते परिवेश में जहाँ लोगों को खुद से फुरसत नहीं है वहीँ इसी समाज में रहने वाले कुछ नवयुवक अपनी संस्था आस्था ‘ए हेल्पिंग हैंड’ के जरिये आगजनी में, बाढ़ मेँ, सूखे में, गर्मी में, ठंडी में हजारों गरीब असहाय बच्चों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर रहे हैं। ये नवयुवक अपनी संस्था के अंतर्गत ही दलित बस्ती में ‘आस्था संस्कारशाला’ के जरिये दलितों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दे रहे हैं।

आज जब यह संवाददाता रोज की तरह किसी समाचार की खोज में निकला तो उसकी नजर जनपद के पडरौना नगर में बड़ी गंडक नहर के बगल में स्थित ग्राम पाण्डेय पट्टी के दलित बस्ती में खुले आसमान के नीचे टाटपट्टी पर बैठ कर पढ़ाई कर रहे बच्चों पर पड़ी। नजदीक जाकर देखा तो पता चला कि वो दलित बस्ती में रहने वाले समाज के सबसे अंतिम व्यक्तियों के बच्चे थे, जो कि मन लगाकर लगन से पढ़ाई कर रहे थे , जब हमने उन बच्चों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनको दीपक भईया सर और उनके कुछ दोस्त सर लोग पढ़ाते हैं।

अब आइये जानते हैं बच्चों के इस दीपक भईया के बारे में जिनकी बदौलत समाज के इस दबे कुचले जनमानस के बच्चे भी इतनी अच्छी शिक्षा मुफ्त में ले पा रहे हैं। बच्चों के दीपक भईया का नाम दीपक जायसवाल है जो कि ‘आस्था ए हेल्पिंग हैंड’ के अध्यक्ष हैं। उन्होंने अपने मित्रों राजन सोनी, अमन त्रिपाठी, सुधीर त्रिपाठी गणेश, विशाल सोनी, विजय शाह, अंकुर मोदनवाल आदि के साथ मिलकर आस्था संस्कारशाला का निर्माण किया और निकल पड़े समाज के सबसे अंतिम पड़ाव पर रह रहे लोगों के बच्चों का भविष्य संवारने।

जब यह नवयुवक इस पथ पर निकले तो इन्हें कुछ लोगों का साथ भी मिला और कुछ की झिड़कियां भी लेकिन इन नवयुवकों ने हार नहीं मानी। और मन लगा कर इन भोले बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। इनकी इस मेहनत और लगन का फल यह है कि आज इस संस्कारशाला में लगभग 50 की संख्या में बच्चे रोज शाम को पढ़ने आते हैं और मन लगा कर पढ़ाई करते हैं अनुशासन सीखते हैं। इन नवयुवकों के इस प्रयास को देखते हुए इन बच्चों के अभिवावक भी इनको दुआएं देते हैं कि इनकी बदौलत ही हमारे बच्चे बिना किसी महंगे स्कूलों में गए ही अच्छी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

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