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साढ़े तीन दशक बाद गोरखपुर का कोई अपने जलवे बिखेरेगा ओलंपिक में

Preeti-Dubey-with-PM-Modi-bगोरखपुर: एक नहीं, दो नहीं बल्कि पुरे साढ़े तीन दशक बाद फिर से अपने शहर की प्रतिभा ओलम्पिक में जलवे बिखेरेंगी। जी हाँ गोरखपुर की प्रीति दुबे का चयन रियो ओलंपिक में खेलने वाली भारतीय महिला हाकी टीम के फारवर्ड खिलाड़ी के रूप में किया गया है। 1964 में एमएस अली सईद, 1980 में प्रेम माया के बाद 2016 में गोरखपुर की हॉकी एक बार फिर ओलंपिक में जलवा दिखाएगी।
अपकमिंग अवार्ड ऑफ द ईयर से सम्मानित हो चुकीं प्रीती ने शहर के प्राइमरी विद्यालय में कक्षा पांच तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद छठवीं से आठवीं तक वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कालेज में हॉकी का एबीसीडी सीखीं। इसके बाद वे ग्वालियर की महिला एकेडमी में चली गईं और अपने खेल में जमकर निखार लाया।
Preeti-with-PM-Modi-and-othप्राइमरी स्कूल से पढ़ाई के साथ हॉकी की शुरुआत करने वाली प्रीति दुबे महज 17 साल की उम्र में दूसरा अंतर्राष्ट्रीय दौरा करने जा रही हैं। महज 17 वर्ष की उम्र में सफलता की दूसरी इबारत लिखने जा रही प्रीति ने वर्ष 2011 से हॉकी स्टिक थामी थी।
नीदरलैंड में 19 से 26 जुलाई तक वॉल्वो इंटरनेशनल अंडर 21 महिला हॉकी प्रतियोगिता का आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता में भारत, इंग्लैंड, जर्मनी, न्यूजीलैंड, चीन, बेल्जियम की टीम हिस्सा ले रही है।
भउसा खुजरी निवासी अवधेश कुमार दुबे पूर्वोत्तर रेलवे में सहायक यार्ड मास्टर पद पर कार्यरत हैं और माँ श्रीमती मिथिलेश द्विवेदी गृहणी है। अवधेश के दो पुत्र और एक पुत्री हैं। सबसे छोटी बेटी प्रीति दुबे प्राइमरी स्कूल रेलवे कॉलोनी में कक्षा पांच तक पढ़ी। हॉकी खेलने का जुनून प्रीति में कक्षा चार से ही आ गया था।
उसके जुनून को देखते हुए पिता ने उसका एडमिशन रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में करवा दिया था। वर्ष 2008 में प्रीति का चयन वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज में हो गया। ओलम्पिक में चयन होने के नाते वह बड़े भाई की शादी में शरीक नही हो पा रही है किन्तु उनका मानना है कि पहले विश्व फलक पर राष्ट्र का नाम ऊँचा हो,बाद में पारिवारिक खुशियाँ होंगी।
बचपन से ही हॉकी से लगाव रखने वाली प्रीति 2014 में भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की सदस्य बनीं। इसके बाद नवंबर में उन्हें सीनियर टीम में चुना गया। गुवाहाटी में हुए साउथ एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक विजेता टीम की सदस्य रहीं।
प्रीती ने चीन में 2015 में हुए सातवें जूनियर एशिया कप आदि में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। साउथ एशियन गेम्स में नेपाल के खिलाफ पहला गोल दागने पर उन्हें एक लाख रुपये का विशेष पुरस्कार मिला। साथ ही वे अर्जेटीना,नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड, चीन, आस्ट्रेलिया आदि देशों में भारतीय टीम की तरफ से प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
प्रीति दुबे को हाल में ही अपकमिंग अवार्ड ऑफ द ईयर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मार्च में हॉकी इंडिया ने प्रीति को बतौर पुरस्कार ट्रॉफी व 10 लाख रुपये प्रदान किया था।
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