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भरतनाट्यम में जिले का नाम रोशन कर रही हैं अरुंधति विश्वनाथ त्रिपाठी

गोरखपुर: भरतनाट्यम में मुकाम हासिल कर चुकी अरुंधति विश्वनाथ त्रिपाठी ने देश के कई राज्यों में अपनी कला का प्रदर्शन कर तमाम अवार्ड अपने नाम किया है। मूल रूप से आसनसोल पश्चिमी बंगाल की रहने वाली अरुंधति की शादी गोरखपुर में विश्वनाथ त्रिपाठी से हुई है और वे अब गोरखपुर में ही भरतनाट्यम के प्रचार प्रसार में लगी है।

अरुंधति ने मात्र 3 वर्ष की उम्र में ही भरतनाट्यम की तरफ अपना रुख किया था। 5 वर्ष की उम्र में एक स्कुल में अपनी कला का पहली बार प्रदर्शन किया और वहाँ से मिली कामयाबी ने आज उन्हें शिखर पर पंहुचा दिया। अरुंधति ने गुजरात सरकार से कल के कलाकार का अवार्ड, दिल्ली से नेशनल स्कालरशिप, उड़ीसा में नृत्य भूषण, स्वर्णिम गुजरात तथा हाल में गोरखपुर महोत्सव के मुख्य मंच पर अपनी नाट्य कला के प्रदर्शन से दर्शको को मग्नमुग्ध कर दिया था।

भरतनाट्यम में सीबी चंद्रशेखर को अपना आदर्श मानने वाली अरुंधति का कहना है कि आज के भौतिक युग में बच्चो को शिक्षा के साथ संस्कार, संगीत कला, क्लासिक व फोक का भी ज्ञान होना चाहिए जिससे बच्चे देश का नाम रोशन कर सके। गोरखपुर में भरतनाट्यम को बढ़ावा देने के लिए अरुंधति ने एक इंस्टिट्यूट खोल रखा है। जिसके माध्यम से वे स्थानीय कलाकारों को इस विद्या की जानकारी दे रही है।

अरुंधति का यह प्रयास और उनकी प्रतिभा ने उन्हें एक अलग पहचान दिया है। अरुंधति का कहना है कि अगर बच्चो के अंदर बचपन से ही संगीत, नाट्यकला का भाव विकसित किया जाय तो वे मंच पर प्रतिभाग कर अपना तथा अपने परिवार और देश का नाम रोशन कर सके।

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