फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

राजेश त्रिपाठी के पार्टी में आने से आक्रोश, चिल्लूपार के संभावित भाजपा प्रत्याशियों ने कहा, नहीं मिलेगा वर्तमान विधायक को टिकट

Chillupar-mla-rajesh-tripatगोरखपुर: 1985 के बाद से कोई भी चुनाव रहा हो पूर्वी उत्तर प्रदेश में चिल्लूपार विधान सभा सीट हमेशा से ही चर्चे में रहा है। पहले यह सीट पंडित हरिशंकर तिवारी के यहाँ से लगातार जीतने के कारण चर्चे में रही तो उसके बाद 2007 में तत्कालीन बसपा नेता राजेश त्रिपाठी द्वारा पंडित हरिशंकर तिवारी को हरा कर बड़ा उलटफेर करने के कारण चर्चा में रही। राजेश त्रिपाठी ने 2012 में भी यह सीट बसपा के ही टिकट पर दोबारा जीती।
अब यह सीट एक बार फिर चर्चे में है। कारण यहाँ से बसपा के टिकट पर पंडित हरिशंकर तिवारी के बेटे विष्णु शंकर तिवारी का चुनाव लड़ना तो है ही निवर्तमान विधायक राजेश त्रिपाठी का बसपा छोड़ भाजपा का दामन थामना भी इस सीट को हॉट प्रॉपर्टी बना दिया है।
राजेश त्रिपाठी के बीजेपी ज्वाइन करने पर चिल्लूपार के भाजपायी में जबरदस्त निराशा और आक्रोश है। स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं में राजेश त्रिपाठी का काफी विरोध देखा जा रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है राजेश त्रिपाठी की छवि पिछले 10 सालों में एक धुर भाजपा विरोधी की रही है। और यही कारण है की स्थानीय कार्यकर्ता चिल्लूपार के विधायक का भाजपा में आना सहन नहीं कर पा रहा है।
गौरतलब है की राजेश त्रिपाठी ने 2014 की लोक सभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ पूरी ताकत लगा दिया था और छः महीने पहले हुवे त्रिस्तरिय पंचायत चुनाव में चिल्लूपार की जिला पंचायत सीट पर बीएसपी के उमीद्वार के समर्थन में खुल के बीजेपी का विरोध किया था।
हलाकि विधायक के विरोध के बावजूद बीजेपी उम्मीदवार माया शंकर शुक्ल ने जिले में रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की और बसपा उम्मीदवार अपनी जमानत भी नही बचा पाये।
इन सबको देखते हुए चिल्लूपार के कार्यकर्ता काफी मुखर हो गये है। पूर्व मंत्री की वापसी से चिल्लूपार के मंडल तथा बूथ कार्यकर्ता की नाराजगी को देखते हुए ऐसा लगता है की आने वाले विधान सभा चुनाव में बीजेपी को ज्यादा नुकसान हो सकता है।
वैसे चिल्लूपार में कमल कभी नही खिला है। ब्राम्हण बाहुल इस सीट पर बीएसपी ने लगातार 5 बार इस सीट से विधायक रहे पूर्व मंत्री पंडित हरिशंकर तिवारी के पुत्र विनय शंकर को उतार वैसे ही मुकाबले को रोमांचक बना दिया है। और राजेश त्रिपाठी को पार्टी में लेकर बीजेपी का इस सीट पर ब्राह्मण वोटों में सेंध लगाने की चाल उलटी पद सकती है।
इस सन्दर्भ में भाजपा नेता और चिल्लूपार से टिकट के लिए संभावित प्रत्याशियों में से एक लक्षमी शंकर शुक्ल ने कहा की बीजेपी कार्यकर्ता को ही टिकट मिलेगा और राजेश त्रिपाठी जैसे लोग पार्टी की नीतियों से प्रभावित हो कर आएं हैं और इनको पार्टी कभी भी मैदान में नही उतारेगी।
एक अन्य उमीद्वार मायाशंकर शंकर शुक्ल का कहना है की पार्टी ने उनको कभी नही कहा की वो उमीद्वार होंगे वो सिर्फ एक कार्यकर्ता के रूप में है
पूर्व उम्मीदवार विजय यादव का कहना है की पार्टी के प्रदेश नेतृत्व का कहना है की पार्टी उनको उम्मीदवार नही बना सकती क्यों की बीजेपी कार्यकर्ता ही पार्टी का उम्मीदवार होगा और दूसरे दल से आये लोग मोदी जी की नीतियों से जुड़ने को आये है ऐसे में पिछड़ा उम्मीदवार होने के नाते पार्टी उनके ऊपर दाव लगा सकती है।
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