फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

दस साल से मनरेगा की मजदूरी उठा रहा मृत प्रकाश, बाल मजदूरी भी अछूती नहीं

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गोरखपुर: सरकारी योजनाओ को जनता तक पहुँचाने और विकास करने की सरकार लाख कोशिश करे लेकिन उनके सिस्टम में लगे दीमक ही उसे खोखला करने में लगे हैं। ग्राम प्रधान और ग्राम्य विकास अधिकारी की मिलीभगत के कारण सरकार की मनरेगा योजना को भी पलीता लग गया है। यही वजह है कि दस साल पहले मर चुका प्रकाश आज भी मनरेगा की मजदूरी उठा रहा है।
भ्रष्ट ग्राम प्रधान धर्मेश गुप्ता और ग्राम्य विकास अधिकारी कैलाश चौरसिया जैसे लोग सैकड़ों मृत लोगों से मजदूरी कराकर लाल हो रहे हैं। वहीं बाल मजदूरी भी मानरेगा मे अछूती नहीं है।
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(मृतक प्रकाश की पत्नी)
ताजा मामला गोरखपुर के गगहा विकास खंड के देवकली गांव का है। गाँव के प्रकाश कन्नौजिया की मौत वर्ष 2006 में मुंबई में हुई थी। दस साल से ग्राम प्रधान धर्मेश गुप्ता और ग्राम्य विकास अधिकारी कैलाश चौरसिया उससे आज भी मनरेगा का काम करवा कर पैसों का बंदरबाट कर रहे हैं। मृतक की पत्नी कुसुम देवी महिला प्राथमिक विद्यालय में भोजन बनाकर चलाती है घर का खर्चा..
Minors-at-MNREGA-siteविकास खंड गगहा के देवकली गाव मे ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान के इतने ही नहीं बल्कि और कारनामे से हम अवगत करवा रहे है जिन हाथो मे किताब और कलम होनी चाहिए उन हाथो मे कुदाल और सर पर टोकरी दे दिया है. आप फोटो मै देख सकते है कि किस तरह से नाबालिक मजदूर काम कर रहे है जब इस पर ग्राम प्रधान धर्मेश गुप्ता से बात की गया तो उनके कहना है की बच्चे अपने अभिभावकों को खाना देने आए और लोगो ने कुदाल और सर पर टोकरी थमा दी है
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               (मनरेगा के लिए काम करता हुआ एक नाबालिग)
जब ग्राम प्रधान से मृतको के द्वारा काम करने की बात की गयी तो ग्राम प्रधान ने कहा की यह तो मानरेगा 2007 से शुरू हुई है और बीपीएल सूची मे जिंका नाम था उन्हे मानरेगा मजदूर बना दिया गया मगर प्रकाश की मौत 2003 मे हो गयी थी और प्रकाश के नाम पर आज भी गाव के लोग ही काम करते है और पैसा लेते है
ग्राम प्रधान द्वारा 2003 की मौत प्रकाश की बताई जा रही है और मरने के बाद मानरेगा मे नाम कैसे आया है और जब दस साल से ग्राम प्रधान धर्मेश गाव मे प्रधान है तो नाम मृतक लोगो का क्यो नहीं काटा यह सबसे बड़ा सवाल है।
Minors-at-MNREGA-site-1जब मृतक प्रकाश की पत्नी कुसुम देवी से बात की गयी तो उसने कहा की ग्यारह साल पहले हमारे पति की मौत हो गयी है और उनके नाम पर काम कैसे हो रहा है और कौन कर रहा है यह हमे नहीं मालूम जबकि घर का खर्चा वो मजदूरी करके चलाती है।
मृतक प्रकाश के भाई दयाराम ने बताया की हमारा छोटा भाई था प्रकाश और उसे मारे काफी दिन हो गया है और कैसे उसके नाम पर काम हो रहा है उसे नहीं मालूम।
Minors-at-MNREGA-site-2गाव के कृष्ण कुमार पाण्डेय ने 2013 से इस मृतक के काम के साथ साथ कई योजनाओ मे ग्राम प्रधान द्वारा पलीता लगाए जाने की बात अधिकारियों तक पाहुचाई मगर अधिकारी अपने गूंगे और बहरे होने की पुष्टि करते हुये मामले को ठंडे बस्ते मे डाल दिये।
यही नहीं जब कृष्ण कुमार पाण्डेय द्वारा जन सूचना के तहत आर टी आई दाखिल कर 2013 -2014 के कार्यो का लेखा जोखा की मांग की गयी तो उनसे ग्राम विकास अधिकारी द्वारा 17000 हजार रुपए की लिखित रूप से माग की गयी वह भी जो पैसा फोटो स्टेट कराने से बचेगा उसे चेक जरिये वापस करने की बात कही गयी।
Minors-at-MNREGA-site-3यही नहीं कृष्ण कुमार पाण्डेय को ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी जान से मारने की भी धमकी दे रहे है साथ ही साथ ग्राम प्रधान अब तक अपने क्षेत्र के तहसील दार और विकास खंड अधिकारी बदसूलकि करते लात घुसो से पिटाई कर चुका है जिससे अधिकारी कोई ठोस कदम उसके खिलाफ नहीं उठा रहे है
जब इस पर गोरखपुर मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत कुमार से बात की गयी है तो उन्होने कहा की मामला सज्ञान मे आया है जाच करवा कर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी पर कानूनी कार्यवाही की जायेगी।
ऐसे लोगो पर नेताओ और अधिकारियों की मिली भगत के कारण कार्यवाही अधर मे लटक जाती है और मात्र टीवीओ पर दिखावे के लिए कार्यवाही की बात करते है साथ ही ऐसे लोगो पर कौन आखिर नकेल कसेगा और कब कसेगा जिससे इनके मनोबल को बढ़ावा न मिले और जनता के बीच मे अपनी गरीबी का रोना रोने वाले खुशहाल होंगे यह सबसे बड़ा सवाल है ।

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