फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

फाइनल रिपोर्ट एक्सक्लूसिव: शासन प्रशासन को सच का आइना दिखा रही है महानगर की सड़कें; मेयर के मोहल्ले में भी है हालत खस्ताहाल


गोरखपुर: ‘कस्मे वादे प्यार वफ़ा सब वादे है वादों का क्या’ सिल्वर स्क्रीन का यह गीत कहीँ ना कहीँ गोरखपुर मण्डल के राजनीतिज्ञों और अफसरानों पर सटीक बैठता है। कारण विकाश के नाम पर झूठे वादों के सहारे सत्ता के गलियारों में पहुँचे इन नेताओ को आमजन की मौलिक सुविधाओं से कोई लेना देना नही है।
हम यहाँ बात कर रहें हैं सबसे प्रमुख और अहम् सड़क सुविधा की। यह वीडियो देख कर आप को शहर के सडकों के हालत का अंदाज़ा खुद बा खुद लग जायेगा। यहाँ यह जानना मुस्किल है की गड्ढ़ों में सड़क है या सड़क में गड्ढे। यह प्रश्न कुछ ऐसा है कि महानगर का हर वाशिंदा चकरा जायेगा। गड्ढो में तब्दील बदहाल सड़कें , सडकों पर मौजूद मौत के गड्ढे कब किसको अकाल मौत मार दें या ताउम्र विकलांग बना दें कोई नही जानता।
जी हां गोरखपुर के सडकों की हालत कुछ ऐसी ही है, फिर चाहे गोरखपुर वाराणसी मार्ग की बात हो या फिर गोरखपुर लखनऊ मार्ग या गोरखपुर देवरिया., गोरखपुर महराजगंज मार्ग लगभग लगभग सभी के हालात एक जैसे ही है।

बता दें कि प्रदेश शासन और स्थानीय प्रशासन दोनों की अनदेखी का खामियाज़ा आम जनता भुगत रही है। इन सडकों पर बने जानलेवा गड्ढे में कब कौन गिरकर चोटिल हो जाये या अकाल मौत मर जाए यह तो इन राहों पर चलने वालो का भाग्य ही बता सकता है। सड़को के बीच बने गड्ढे में बिना समय गर्भवती स्त्रियां प्रसव पीड़ा झेल सकती है।
लेकिन हर वर्ष महानगर की अंदरुनी सड़कों के रख रखाव की जिम्मेदार विभाग सड़के हॉट मिक्स प्लांट से रेनोवेशन के नाम पर लाखों रूपये कहाँ खर्चती है ये तो जिम्मेदार ही जानते होंगे। किन्तु इन सबमे सबसे मजेदार और दुखद बात ये है कि जिले में सबसे पॉश कालोनी बेतियाहाता की सड़के भी अपनी दशा का खुद ब खुद बयान कर रही है।
जबकि इसी इलाके में महानगर के उक्त जिम्मेदार विभाग की सर्वोच्च पद पर बैठी महिला मेयर डॉ सत्या पाण्डेय का भी आशियाना है। जिनके घर से सटे मुख्य मार्ग की हालात बदतर है।
जब इस मामले पर फाइनल रिपोर्ट ने लोगों का पक्ष जाना तो इन खराब सडकों पर चलने वाले लोगो से और वहा रहने वाले स्थानीय लोगो ने खस्ता हाल सडकों को अपने शबदो में कुछ इस तरह बयान किया।
इस मुद्दे पर कुछ ने तो बोलने से इंकार किया और कुछ बोले तो तो कुछ यूँ बोले: गोरखपुर की मेयर डॉ सत्या पांडये के घर से महज चंद फसलो पर यानी यु कहे की घर से बाहर निकलने पर आने वाली सडक के हाल इस कदर है, की उन पर चलना दुभर है, फिर बाकी सडको के क्या हाल होंगे इसका अंदाजा बखूबी लगाया जा सकता है |

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