फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

जाकिर नायक पर बैन लगाने के पक्ष में है गोरखपुर के शिया-सुन्नी धर्मगुरु (फाइनल रिपोर्ट एक्सक्लूसिव)

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— ढाका हमले के आरोपी दो आतंकवादी कथित रूप से डॉ जाकिर के बयानों से प्रभावित बताये जा रहें हैं
— नायक परंपरागत पहनावे के बजाय एक सूट और टाई पहनते हैं
— अक्सर इनके विवादित बोले से सुन्नी और शिया समुदाय दोनों नाराज रहते हैं
— आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का समर्थन कर फजीहत करा चुके हैं डा. नायक
— इस्लामिक वक्ता व मदरसा शिक्षक मौलाना रियाजुद्दीन निजामी कहते हैं कि डा जाकिर नायक व उसकी तंजीम       पर पाबंदी लगनी चाहिए
— वरिष्ठ पत्रकार मुनव्वर रिजवी कहते है कि जिसके आदर्श ओसामा जैसे कट्टर आतंकवादी हो उसका आतंक के         अतिरिक्त इस्लाम और इंसानियत से सम्बन्ध हो ही नहीं सकता
गोरखपुर: विवादित तकरीरों के कारण सुर्खियों में बने रहने वाले डा जाकिर नायक को समाज बांटने वाला और इस्लाम की गलत व्याख्या करने वाला करार देते हुए गोरखपुर के शिया- सुन्नी संप्रदाय ने कड़ी कार्यवायी की मांग करते हुए जाकिर पर प्रतिबंध की वकालत की है। शहर का शिया-सुन्नी संप्रदाय डा नायक को सलाफी विचारधारा के एक प्रचारक के रूप में मानता है कुछ वहाबी विचारधारा का एक कट्टरपंथी प्रचारक कहते हैं।
विवादित तकरीरों के कारण सुर्खियों में बने रहने वाले डा जाकिर नायक एक बार फिर चर्चे में हैं। कारण ढाका हमले के आरोपी दो आतंकवादी कथित रूप से डॉ जाकिर के बयानों से प्रभावित बताये जा रहें हैं। इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष व पीस टीवी चैनल के संस्थापक जाकिर परंपरागत पहनावे के बजाय एक सूट और टाई पहनते हैं।
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(इस्लामिक रिसर्च फांउडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष व पीस टीवी चैनल के संस्थापक डॉ जाकिर नायक)
अक्सर इनके विवादित बोले से सुन्नी और शिया समुदाय दोनों नाराज रहते हैं। चाहे वह पैगम्बर मोहम्मद साहब, इमाम हुसैन, करबला की जंग हो या फिर ख्वाजा गरीब नवाज से सबंधित बयान हो। जिस पर मुस्लिम जगत में उनका काफी विरोध हुआ । शिया और सुन्नी समुदाय ने उनका पुतला ही नहीं जलाया बल्कि फतवा भी जारी किया।
आतंकवादी ओसामा बिन लादेन का समर्थन कर फजीहत करा चुके डा. नायक इस बार फिर सुर्खियों में हैं । ढ़ाका विस्फोट के बाद इन पर प्रतिबंध लगाने की प्रकिया तेज हो गयी है। हालांकि शिया और सुन्नी संप्रदाय द्वारा इन पर बहुत पहले से प्रतिबंध की मांग उठती रही हैं।
इस्लामिक वक्ता व मदरसा शिक्षक मौलाना रियाजुद्दीन निजामी कहते हैं कि डा जाकिर नायक व उसकी तंजीम पर पाबंदी लगनी चाहिए । जिस इंसान से मजहब व मुल्क को नुकसान हो रहा हो ऐसे शख्स पर तत्काल रोक लगायी जायें । इससे पहले कुछ वर्ष पूर्व लखनऊ के शहर काजी मौलाना इरफान अहमद ने शिया व सुन्नी समुदाय के इत्तेफाक से डा. नायक पर फतवा लगाकर लखनऊ आने पर पाबंदी लगायी थी ।
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(इस्लामिक विद्वान व मदरसा शिक्षक मौलाना रियाजुद्दीन निजामी)
मौलाना रियाजुद्दीन ने कहा कि डा.नायक ने इस्लामी तालिमात के खिलाफ बयान दिया। पैगम्बर मोहम्मद साहब, इमाम हुसैन, गौस पाक, ख्वाजा गरीब नवाज की शान में गुस्ताखी तो की ही और यहां तक कह डाला कि हजरत ईसा अलैहिस्सलाम अल्लाह के बेटे हैं और जितने लोग अल्लाह के मानने वाले है सब अल्लाह के बेटे हैं । यह सब कहना इस्लामी वसूल के खिलाफ है और कुफ्र है. वहीं जाकिर नायक का ओसामा बिन लादेन का समर्थन करना देश के प्रति गद्दारी का सूचक है।
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(इस्लामिक विद्वान व मदरसा शिक्षक मौलाना रियाजुद्दीन निजामी)
शिया मामलों के जानकार व वरिष्ठ पत्रकार मुनव्वर रिजवी कहते है कि जिस ज़ाकिर नायक को कुछ नाम मात्र के मुसलमानों ने अपना नायक बना रखा है और जिसने यज़ीद इब्ने मुआविया को रo अo तo अo कह कर संबोधित किया ! जिसके आदर्श यज़ीद लo अo और ओसामा जैसे कट्टर आतंकवादी हो उसका आतंक के अतिरिक्त इस्लाम और इंसानियत से सम्बन्ध हो ही नहीं सकता ! उसका धर्म और कर्म आतंकवाद और उसके प्रेरणास्रोत के अतिरिक्त कुछ दूसरा हो ही नहीं सकते! ये ऐसा सांप है जिसके सिर को यदि जल्द ही नहीं कुचला गया तो इसके दंश से बहुत सारे युवा विशाक्त हो जायेंगे और उन सभी का उपचार कर पाना मुश्किल ही नहीं असम्भव हो जायेगा।
Mohammad-Azhar-Shamshi                  (युवा मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी)
तंजीम कारवाने अहले सुन्नत तुर्कमानपुर के अध्यक्ष युवा मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि डा.जाकिर नायक या कोई भी शख्स जब अम्बिया, सहाबा व औलिया का गुस्ताख बन जाता है और उनकी शान व अजमत से खिलवाड़ करने लगता हैं तो शरई नुक्ते नजर से ऐसे लोगों पर पाबंदी ही नहीं बल्कि फांसी दे देनी चाहिए। इमाम हुसैन और उनके साथी इस्लामी वकार के लिए लड़ते हुए शहीद हुए इस सच्चाई को पूरी दुनिया जानती है । डा.नायक ने यजीद की तारीफ कर मुसलमानों का दिल दुखाया है लिहाजा इसकी तकरीरों, संस्था, चैनल व किताबों पर पाबंदी लगाना सरकार की अहम जिम्मेदारी हैं । ताकि यह फित्ना ज्यादा ना फैले।
उन्होंने कहा की डा.नायक ने कुरआन की गलत व्याख्या की हैं। दुर्दांत आतंतवादी ओसामा बिन लादेन का समर्थन कर इंसानियत को शर्मसार किया है। युवा पीढ़ी इसके बहकावे में ना आयें। इसलिए पाबंदी जरुरी हैं । समाज को बांटने वाली जितनी ताकतें हैं सब पर लगाम लगाने की जरुरत है। नायक सलाफी विचारधारा का प्रचारक है।
Mufti-Akhtar-Hussain
(मुफ्ती अख्तर हुसैन अजहरी मन्नानी)
मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार के फतवा विभाग के हेड मुफ्ती अख्तर हुसैन अजहरी मन्नानी ने कहा कि कोई आदमी ज़ाती तौर पर किसी संस्था से जुड़कर दीन मजहब, मुल्क, आवाम में इंतेसार (विवाद) फैलाने की कोशिश करें उस पर यकीनन रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा की डा. जाकिर नायक उन लोगों में से है जिसने इमाम हुसैन रजिअल्लाहु अन्हू की शान में गुस्ताखी की जिसकी वजह से पहले भी उस पर पाबंदी की आवाज उठ चुकी हैं। अकायद (इस्लामिक आस्था) के मुताल्लिक भी गलत बयान देने की वजह से मुसलमानों में इंतेसार (विवाद) का सबब बन चुका है इसलिए ऐसे नाम निहाद (सिर्फ नाम का) मोबल्लिग( धर्म प्रचारक) पर जो शरई नहीं बल्कि माडर्न है। डा. जाकिर नायक पर पाबंदी लगनी चाहिए ताकि और लोग नसीहत हासिल कर जबान संभाल कर इस्तेमाल करें।

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