फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

जंगी जहाजों के बीच दिलेरी दिखाएगी गोरखपुर की बिटिया

Nehaगोरखपुर: कहते है कि खुदी को कर बुलन्द इतना कि खुदा बन्दे से खुद पूछे, बता तेरी रजा क्या है।
कुछ इसी बुलंदी से लबरेज है अपने गोरखपुर की बिटिया नेहा सिंह। भारतीय वायुसेना के इतिहास में महिलाओं को फाइटर विमान चलाने की हिस्सेदारी में अपना नाम दर्ज करवाने वाली इस बेटी ने गोरखपुर की उपलब्धियों के खाते में एक और अध्याय जोड़ दिया है।
बचपन से ही अनंत आकाश की गहराइयों को नापने का जो ख्वाब उसने देखा था, उसे आख़िरकार अपने हिम्मत, हौसले और जज्बे से कर दिखाया।
गोरखपुर की मिटटी में बचपन बिताकर यहीं के ख्यातिलब्ध कार्मल गर्ल्स कालेज से हाई स्कूल, फिर लिटिल फ्लॉवर इण्टर कॉलेज से इंटर कर देश की राजधानी दिल्ली में बी एस सी करने पहुँची नेहा सिंह ने वायुसेना के माध्यम से देश सेवा का एक बार जो ख्वाब देखा तो दिन प्रतिदिन उसी राह पर चलती गयी। वर्ष 2014 में बी एस सी करते ही नेहा ने एयर फ़ोर्स कामन एडमिशन टेस्ट (ए एफ सी टी ) को पास करते हुए इसी कड़ी में एक अन्य परीक्षा एस एस बी द्वारा आयोजित टेस्ट भी क्वालीफाई कर लिया।
Neha-with-her-parents-and-bअंत में दिसम्बर 2014 का वह दिन भी आ गया,जब फाइनल रिजल्ट घोषित होते ही उनके बचपन के ख्वाबो को उड़ान के पंख मिल गए और भारतीय वायु सेना में लड़ाकू विमानों को उड़ाने वाली फेहरिस्त में उनका नाम भी शामिल हो गया।
मूलतः गोरखपुर मण्डल के कुशीनगर जनपद के फाजिलनगर विकास खण्ड अंतर्गत बेलवा कारखाना के निवासी उनके पिता रविन्द्र नाथ सिंह व माँ श्रीमती रंजना सिंह वर्ष 1989 में महानगर के सुमेर सागर रोड स्थित किरोड़ी मल का हाता परिसर में अपना आशियाना बनाकर रहने लगे और यहीं जीविकोपार्जन हेतु रियल एस्टेट के कारोबार में जम गए।
रवीन्द्रनाथ सिंह के तीन बच्चों में सबसे बड़ी नेहा ने कार्मल स्कूल से हाई स्कूल, लिटिल फ्लावर स्कूल से इंटर पास कर दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कालेज से बी एस सी किया है। वायुसेना की लड़ाकू शाखा में पास आउट 97 अभ्यर्थियों के बीच फ्लाइंग ऑफिसर कैडर में फाइटर विंग में 51, ट्रांसपोर्टेशन विंग में 18 और हेलिकॉप्टर विंग में 28 के चयन हुए।जिसमे नेहा को फाइटर हेलिकॉप्टर उड़ाने की जिम्मेदारी मिली हुई है। जहां हैदराबाद स्थित एयरफोर्स अकेडमी में ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है और अब पोस्टिंग के लिए लैटर का इंतजार है।
उनके वायुसेना में चयन को लेकर बेहद उत्साहित उनके माता पिता ने अपने खुशियो को शब्दों को एक दायरे में बांधने की कोशिश करते हुए कहा कि उनकी इच्छा है कि बड़ी बेटी जिस तरह से देश सेवा में जा रही है,उसी तरह से दूसरी बेटी और बेटा भी देश की सेवा में समर्पित हो।
हमारा फेसबुक पेज LIKE करना न भूले:
fb

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *