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स्टार्टअप कैफ़े: बदलाव की यह पुरबिया खींच रही है गोरखपुर के युवाओं को अपने शहर की ओर

गोरखपुर स्टार्टअप कैफ़े

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: पूर्वी उत्तर प्रदेश और महानगर के पहले स्टार्टअप कैफ़े ने अब अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। युवा व्यवसायी अरुण गुप्ता की यह नायाब कोशिश गोरखपुर छोड़ कर गए युवाओं को अब अपनी माटी की और खींच रहा है।

रोजी-रोटी और कुछ नया करने की चाहत के कारण गोरखपुर छोड़ बड़े शहरों में बस गए कुछ युवाओं ने स्टार्टअप कैफ़े से प्रभावित होकर वापस सीएम सिटी में अपना डेरा जमा लिया है। ना केवल गोरखपुर में बल्कि समूचे पूर्वांचल में विकास के अभाव ने इस क्षेत्र के प्रतिभाओं को यहाँ से पलायन करने पर मजबूर किया है। लेकिन अब ऐसा नहीं है। पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला कोवर्किंग स्पेस स्टार्टअप कैफ़े अब मेट्रो के युवाओं को अपनी और खींच रहा है।

बीते दिनों तीन युवाओं ने बड़े शहरों को छोड़ अपने घर गोरखपुर में ही बसना पसंद किया और उसकी एकमात्र वजह है स्टार्टअप कैफ़े, जो बहुत कम पैसों में अपना बिज़नेस शुरू करने और ज़माने के लिए मेट्रो शहरों के अनुकूल टॉप क्लास वर्किंग स्पेस प्रोवाइड करा रहा है।

ऐसे ही एक युवा रजनीश सिंह का कहना था कि वो गोरखपुर को छोड़ सुदूर चेन्नई में यूनिक सिस्टम्स के BPO में काम करते थे। उन्होंने बताया कि बीते दिवाली में वो गोरखपुर आये थे तब अखबारों के माध्यम से स्टार्टअप कैफ़े के बारे में जाना। फिर क्या था उन्होंने तुरंत चेन्नई छोड़ वापस अपने घर बसने का फैसला ले लिया।

Gorakhpur Startup Cafe

Gorakhpur Startup Cafe

रजनीश ने बताया कि चूँकि BPO बिज़नेस में शहर नही बल्कि अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर और फैसिलिटी मायने रखता है इसलिए उन्होंने तुरंत अपने कंपनी के ओनर से बात कर अपने एक दोस्त के साथ दिसंबर से गोरखपुर में ही अपना काम शुरू कर दिया। रजनीश ने स्टार्टअप कैफ़े के अरुण गुप्ता से बात की। अरुण ने उन्हें किफायती दाम अपने स्टार्टअप कैफ़े में को-वोर्किंग स्पेस मुहैया कराई। रजनीश ने बताया कि आज वो अपने BPO के जरिये इसी शहर के पांच युअवों को रोजगार भी दे रहे हैं।

रजनीश का कहना था कि उनके और उनके परिवार के लिए यह सबसे बड़ी ख़ुशी की बात है कि वो अपने ही शहर में रहकर ना केवल अपनी कंपनी चला रहे हैं बल्कि इसी शहर के लोगों को रोजगार भी मुहैया करा रहे हैं।

Startup Cafe of Gorakhpur

Startup Cafe of Gorakhpur

रजनीश की ही तरह एक और युवा प्रखर जायसवाल भी घर से दूर देश की राजधानी दिल्ली में वर्धन इंफोटेक के नाम से BPO चलाते थे। आज वो भी स्टार्टअप कैफ़े के नाते अपने शहर गोरखपुर में जम चुके हैं।

प्रखर बताते हैं कि अक्टूबर के महीने केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु द्वारा स्टार्टअप कैफ़े के बारे में किये गए ट्वीट ने उनका ध्यान इसकी ओर खींचा। बस फिर क्या था उन्होंने भी तुरंत अरुण गुप्ता से बात कर पिछले महीने ही सात लोगों के साथ स्टार्टअप कैफ़े में अपना बिज़नेस शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि अपने ही शहर में एक अच्छा को-वर्किंग स्पेस मिल जाने से उन्हें पूरी उम्मीद है कि वो अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने में सफल होंगे।

Startup Cafe Gorakhpur

Startup Cafe Gorakhpur

गोरखपुर छोड़ मुंबई जाकर बस गए मोहित का भी अब नया ठिकाना महानगर का को-वर्किंग स्पेस स्टार्टअप कैफ़े ही बन गया है। मोहित वर्चुअल रियलिटी और ऑग्मेंटेड रियलिटी बेस टेक्नोलॉजी से रिलेटेड बिज़नेस करते थे। मोहित अपना यह बिज़नेस देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में एक को-वर्किंग स्पेस से ही चलाते थे। उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से दिसंबर में स्टार्टअप कैफ़े के बारे में पता चला।

मोहित ने बताया कि वो अचंभित हो गये यह जान कर कि गोरखपुर में भी कोई इस आईडिया पर काम कर सकता है। दिवाली की छुट्टी में जब मोहित अपने घर आये तो उन्होंने खुद विजय चौक स्थित स्टार्टअप कैफ़े देखा। उसके बाद दिसंबर से वो यहीं से अपने टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जतायी कि स्टार्टअप कैफ़े की वजह से टेक्नोलोजी फील्ड से जुड़े कुछ अन्य लोगों से उनकी मुलाकात होगी जिनके साथ मिलकर वो अपना काम गोरखपुर में और बढ़ा सकने में सफल होंगे।

आपको बता दें कि युवा व्यवसाई अरुण गुप्ता ने बीते वर्ष पूर्वी उत्तर प्रदेश का पहला co-working space–StartUp Cafe गोरखपुर में खोला। शहर के विजय चौक पर 1000 स्क्वायर फ़ीट में बना यह StartUp Cafe उन लोगों के लिए एक मुंहमांगी मुराद है जो अपना काम तो शुरू करना चाहते हैं लेकिन अधिक पूंजी के अभाव में कोई जगह नहीं ले पाते हैं। StartUp Cafe एक ही छत के नीचे नए प्रोफेशनल्स और स्टार्ट उप के लिए वो सब कुछ मुहैया कराता है जो उन्हें ज्यादा कीमत देने पर भी नहीं मिलता।

गोरखपुर जैसे शहर के लिए यह योजना बिलकुल नयी है। अभी तक co cafe का चलन बड़े महानगरों तक ही सिमित है। गोरखपुर में इस अकल्पनीय काम को करने वाले 30 वर्षीय अरुण गुप्ता का मानना है कि इस शहर में कई लोग ऐसी हैं जो पूंजी की कमी के कारण अपना जगह नहीं ले पाते हैं। दिन प्रतिदिन दुकानों की बढ़ती कीमत के कारण ऐसे लोग जो कम पूंजी से अपना काम शुरू करना चाहते हैं उन्हें शहर में जगह का कोई विकल्प नहीं मिल पाता है। अरुण ने कहा कि StartUp Cafe गोरखपुर में इसी कमी को पूरा कर लोगों को कम पैसे में काम करने के लिए जगह प्रदान करने के साथ-साथ अच्छी सुविधाएं भी प्रदान करेगा।

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