फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

सीएम सिटी में तीन साल से लंबित है एक मामला, घूस के लिए तहसीलदार ने रोक रखा है दाखिल खारिज

राकेश मिश्रा
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के दावे को उनके ही अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। प्रदेश के अन्य जगहों की बात तो छोड़िये, सीएम के गृह नगर में ही भ्रष्ट अधिकारियों को किसी का डर नहीं है। वो अपनी मनमर्जी जमकर चला रहे हैं। भले की आम नागरिक उनकी चौखटों पर माथा रगड़ते-रगड़ते बेहाल क्यों ना हो जाये।

ताजा मामला जनपद के गोला तहसील का है। स्थानीय निवासी कमलेश पाठक के माता जी के नाम पर जमीन है। उस जमीन पर वो लोग काबिज भी हैं। उसी जमीन का ख़ारिज दाखिल करवाने के लिए कमलेश बीते लगभग तीन साल से चक्कर काट रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है। मामला केस नंबर 20100531071694 ललिता देवी बनाम नरेंद्र पाठक से जुड़ा हुआ है।

इस मामले को लेकर कमलेश ने तहसीलदार से लेकर जिलाधिकारी तक के यहाँ गुहार लगाई। समस्या के निवारण के लिए IGRS पर भी सैकड़ों बार अपनी शिकायत दर्ज कराई। लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात, अब तक कोई कार्यवाई नहीं हुई। कमलेश बताते हैं कि उनका मामला तीन साल से गोला तहसीलदार के यहाँ लंबित है। आज तक सिर्फ केस की तारीख दी जाती है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है तत्कालीन तहसीलदार प्रेम चंद मौर्या इस काम के लिए घूस मांग रहे थे। कमलेश के मना करने पर तहसीलदार ने बीते ढाई साल से इस काम को लटका कर रखा है।

कमलेश बीते चार महीने में वो IGRS पोर्टल पर भी 202 बार शिकायत दर्ज करा चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या का निवारण नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बार एक आख्या लगाकर शिकायत को निस्तारित बता दिया जा रहा है। कमलेश ने बताया कि वो इस संबंध में एसडीएम से भी मिल चुके हैं। वो बताते हैं कि एसडीएम ने इस संबंध में शासन को मामला निस्तारित बता कर गलत सुचना दे दी।

कमलेश ने कहा कि विडंबना यह है कि शिकायत निवारण पोर्टल पर जिस अधिकारी के खिलाफ कम्प्लेन की जा रही है, जांच के लिए फाइल वापस उसी अधिकारी के पास भेज दी जा रही है। ऐसे में वो अधिकारी अपने खिलाफ ही मामले की जांच कर, आख्या लगा कर सारे मामले को निस्तारित बता दे रहा है। कमलेश का कहना है कि ऐसे हालत में कोई न्याय की उम्मीद करे तो भला कैसे। यही नहीं इस मामले में जब जिलाधिकारी ने एसडीएम को लिखा तो उसका जबाव भी यही आया कि मामले को निपटा दिया गया है।

 

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *