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पार्टी में घमासान के बाद सन्नाटे में डूबा जिला सपा कार्यालय, पदाधिकारी साधे चुप्पी

samajwadi-party-office-in-gगोरखपुर: कहां तो सोमवार को लखनऊ में पार्टी मुखिया के परिवार की अंतर्कलह का हल निकलने की उम्मीद लगाए बैठे थे और हो गया उल्टा। हल तो नहीं निकला लेकिन सपाइयों का असमंजस और गहरा हो गया।
गोरखपुर के समाजवादी यह प्रतीक्षा कर रहे थे कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में लखनऊ में होने वाली बैठक कोई राह जरूर प्रशस्त करेगी लेकिन वहां की स्थिति ने पहुंचे पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, विधायकों को सन्नाटे में डाल दिया है। कुछ यही हाल जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं का भी है, उनकी भी गतिविधियां थम गई हैं। पदाधिकारी, कार्यकर्ता भले ही मुंह खोलने को तैयार नहीं है लेकिन लगातार दूसरे दिन पार्टी कार्यालय पर पसरी खामोशी इसका सुबूत है।
जिले की समाजवादी पार्टी के बेतियाहाता स्थित कार्यालय पर आमतौर से भीड़भाड़ रहती है। सत्तारुढ़ पार्टी होने के कारण जनशिकायतों की यहां सुनवाई होती है। तमाम फरियादी पदाधिकारियों के जरिए समस्याओं का समाधान कराने पहुंचते रहते हैं लेकिन वर्तमान में सब कुछ गायब है। मंगलवार को जब संवाददाता ने इस कार्यालय की तरफ रुख किया तो पूरे कार्यालय में सन्नाटा था। कार्यालय प्रभारी अपने कक्ष में अपने एक दो परिचितों के साथ बैठे दिखे।
कार्यालय के बाहर दिन में हमेशा पार्टी के झंडे लगे वाहनों की हमेशा जो संख्या दिखती थी, वह गायब थी। बाहर गिनती के एक दो की संख्या में दोपहिया वाहन खड़े जरूर थे।
वहां से लौटते समय राह में पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी राघवेंद्र तिवारी राजू मिल गए। अनुमान लगा कि कार्यालय जा रहे होंगे, लेकिन पूछते ही बोल पड़े वरिष्ठ पदाधिकारी लखनऊ में हैं, लिहाजा कार्यालय की गतिविधि प्रभावित होनी स्वभाविक है। वैसे हम सभी सपाइयों को अभी भी सब कुछ ठीक हो जाने की उम्मीद बनी हुई है लेकिन इस संबंध में जब सपा के कुछ चुनिंदा चेहरों से जरिये दूरभाष बात करने की कोशिश की गयी तो कुछ के मोबाइल स्विच ऑफ तो कुछ के नॉट रिचबल मिले।

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