फाइनल रिपोर्ट स्पेशल

बेटियां कर रहीं भारत-नेपाल सरहद की रखवाली; एस एस बी के महिला जवानों पर फाइनल रिपोर्ट की एक खास रिपोर्ट


गोरखपुर: उस देश की सरहद को कोई छु नही सकता, जिस देश की सरहद पर निगेहबान है आँखें। जी हाँ, हम बात कर रहे है सीमा की महिला पहरेदारों की, हाथो में बंदूके लिए ये महिला जवान सीमा की करती है, रखवाली ।
गोरखपुर मुख्यालय से लगभग 99 किलोमीटर की दुरी पर भारत नेपाल बोर्डर, जो की खुली सीमा है, और ये तक़रीबन 17 सौ किलोमीटर में फैला हुआ है, और यहाँ से कभी भी कोई भी कही भी बिना रोक टोक आ जा सकते है। और इसी खुली सीमा का फायदा उठाते है, आतंकवादी और संदिग्ध किस्म के व्यक्ति। जी हां और ये कोई खेल नया नहीं है, पिछले डेढ़ से दो दशक पहले से ये खेल चल रहा है। बावजूद इसके इस पर अभी तक इस पर लगाम नहीं लग सका है। इस पर फाइनल रिपोर्ट की एक खास रिपोर्ट नेपाल बार्डर से।
इंडिया और नेपाल की सभ्यता और संस्कृति लगभग एक सी होने के चलते सदियों पूर्व हुए विशेष समझौते के कारण खुली सीमा होने के नाते और भारत नेपाल के बीच रोटी बेटी का सम्बन्ध है। जिससे सीमा पर आने जाने वालो को चेकिंग के वजह से ख़ास कर महिलाओं के लिए खासा परेशानियों का सामना करना पड़ता था, और इसके वजह से कई बार सीमा पर तस्करी करने वाली महिलाए लडकिया इसका फायदा उठा लेती थी ।

लेकिन जब से एसएसबी महिलाओं जवानो का इजाद किया है, सीमा पर महिला जवानो को कमान सौंपी है। तब से सीमा पर इस तरह के मामले खत्म से हो गए है । तक़रीबन 2008 से महिला जवानो को यहा पर लगाया गया है, और ये महिला पूरी इमानदारी से तत्पर होकर अपनों से दूर रह कर सीमा की रक्षा करती है ।
हितेश्वरी चौधरी (एसएसबी इंस्पेक्टर) की माने तो भारत नेपाल की खुली सीमा पर ये महिला जवान दिन रात खड़ी रह कर यहा डियूटी करती है। सभी को जो भी सीमा से होकर गुजरने वाला है, उसकी चेकिगं करती है, ये तो सीमा पर बने गेट का हाल है।
अब आइये आपको ले चलते है, महिलाओं के कैम्प में जहा पर खेतो और सीमा के बीचो बिच इनका कैम्प बनाया गया है, यहा पर जैसे ही व्हिसिल बजती है। वैसे ही लडकिया तुरंत ही अपने मोर्चे पर लग जाती है और उनकी निगाहें बन्दुक की नली और दिमाग और ऊँगली बन्दुक की टिगर पर होती है ।ये कैम्प की रक्षा के साथ साथ बार्डर की रक्षा भी यही से करती है। इन महिला जवानो की डियूटी यही खत्म नहीं होती, ये पुरे बार्डर पर दिन में गस्त करती है।कांबिंग कर ये सीमा की सुरक्षा करती हैँ।

फाइनल रिपोर्ट के इस वीडियो में आप देख सकतें हैं की सीमा पर ये चलते चलते किस तरह अपने जान को हथेली पर रख कर चौकन्ने होकर सीमा की रक्षा करती है, और कुछ भी हरकत होते ही दौड़ कर मौर्चे पर तैनात हो जाते है । अपनी पोजीशन लेकर सीमा की रक्षा के साथ वहा आस पास के रहने वाले लोगो की जान माल की भी रक्षा करती है | ये है हमारी देश की महिला जवान जो की अपनों से दूर होकर लड़की होने के बावजूद देश के प्रति देश भक्ति का जज्बा उन्हें फौज में खीच लाया, और ये तब से यहाँ पर सीमा की रक्षा करती है, और अब यही इनका परिवार है।
भारत नेपाल की खुली सीमा जहा आए दिन तश्करी का खेल हो या फिर आतंकवादियों के आने जाने की बात आम सी हो गई है। आपको बतादे की इस खुली सीमा का खेल ये कोई नया नहीं है | पिछले डेढ़ सो दो दशक पहले से इस सीमा पर आतंकवादी गतिविधिया हमेसा से ही तेज रही है। और उसी के साथ साथ चल रहा है, तश्करी का खेल, और इन सब पर लगाम लगाने के लिए भारत सरकार ने एसएसबी का गठन किया था।
उस समय से लेकर भारत नेपाल की खुली सीमा की कमान एसएसबी के हाथो में सौप दी गई थी की अब वहा इस सीमा से कोई भी आतंकवादी गतिविधीया हरकत नहीं होंगी | हमारी देश की महिलाए, जो की देश की रक्षा के लिए अपनों से दूर होकर सीमा की रक्षा करती है, गर्मी बरसात सर्दी, इस चिलचिलाती धुप में और गर्म हवाओं के झोके होने बावजूद ये उसी में सीमा की काम्पेनिग करती है, और कई किलोमीटर चल कर सीमा पर पैनी नजर बनाती है।
इनके इस जज्बे को आज पूरा देश सलाम करता है ।
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