गोरखपुर

भारतीय संत सभा-चिन्तन बैठक हिन्दू समाज को युगानुकूल दिशा देने हेतु आत्म-चिंतन का आधार बिन्दु प्रदान करेगा: आदित्यनाथ

Mahant-Aditynathगोरखपुर: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं गोरखपुर के सांसद महन्त योगी आदित्यनाथ ने कहा है की भारतीय संत सभा-चिन्तन बैठक कार्यक्रम वर्तमान दौर में हिन्दू समाज के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों के अनुसार उसका मार्ग खोजने एवं अप्रासंगिक हो चुकी परम्पराओं को तिलांजलि देनें, विकृतियों-रूढि़यो को समाप्त करने तथा हिन्दू समाज को युगानुकूल चुनौतियों के अनुसार खड़ा करने की पहल करेगा।
उक्त बातें आदित्यनाथ ने भारतीय संत सभा-चिन्तन बैठक कार्यक्रम हेतु केन्द्रीय कार्यालय का उद्घाटन करते हुए शनिवार को व्यक्त की।
Mahant-Aditynath-1उन्होंने कहा की भारतीय संत सभा-चिन्तन बैठक हिन्दू समाज को युगानुकूल दिशा देने हेतु आत्म-चिंतन एवं आत्म परिष्कार का आधार बिन्दु प्रदान करेगा। आत्म संशोधन एवं आत्म परिष्कार हिन्दू धर्म-संस्कृति की विशेषता रही है। समय-समय पर हिन्दू धर्मचार्यों ने अपनी धार्मिक-सामाजिक, सांस्कृतिक मूल्यों, आचार-व्यवहार एवं परम्पराओं पर विचार-विमर्श कर उसे युगानुकूल बनाया और वर्तमान की आवश्यकतानुसार नए मूल्यों का सृजन किया।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता राष्ट्रवाद की अनिवार्य शर्त है। हमे अपने देश से छुआ-छूत, ऊॅच-नीच और अश्यपृश्यता की खाई को समाप्त करने का संकल्प लेना पड़ेगा। सम्पन्न होने वाला सन्त सभा की यह चिन्तन बैठक हिन्दू समाज को संगठित करने में मिल का पत्थर साबित होगी।
कार्यालय उद्घाटन के समय उपस्थित कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए धर्म जागरण के बिहार क्षेत्र के संगठन मंत्री सुबेदार जी ने कहा कि देश की एकता और अखण्डता बनाये रखने एवं राष्ट्र को परमवैभव पर ले जाने हेतु देश के संत देशवासियों का मार्गदर्शन करने हेतु गोरखपुर में एकत्रित हो रहे है। गोरखपुर के लोगों का यह सौभाग्य है कि सम्पूर्ण देश के संतो का आतिथ्य स्वीकार करने का अवसर प्राप्त हुआ है।
ई पी के मल्ल एवं शिवमूर्ति के देख-रेख में शनिवार से केंद्रीय कार्यालय ने कार्य करना प्रारम्भ कर दिया। अत्याधुनिक सुविधाओं यथा कम्प्युटर, स्कैनर तथा इन्टरनेट से लैस यह कार्यालय सम्पूर्ण आयोजन के दौरान साधु-संतो, धर्माचार्य अतिथियों की सम्पूर्ण व्यवस्था, कार्यक्रमों की योजना-रचना एवं मीडिया सेन्टर सभी का केन्द्र बिन्दु होगा। यह कार्यालय पूरे आयोजन के दौरान देश-दुनियां के हिन्दू संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यालयों के सम्पर्क में भी रहेगा।
कार्यालय उद्घाटन के पश्चात् महन्त योगी आदित्यनाथ जी ने इन आयोजन के सम्पूर्ण व्यवस्था की समीक्षा की। एक-एक विभाग को सहेजा तथा कार्यकर्ताओं को अपनी-अपनी व्यवस्था सुव्यवस्थित रखने का निर्देश दिया।

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