गोरखपुर

'मकर संक्रान्ति’ के अवसर पर गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित होने वाले परम्परागत खिचड़ी मेले की तैयारी पूर्ण

Gorakhnath-Temple-1हरिकेश सिंह (वरिष्ठ संवाददाता)
गोरखपुर:
 ‘मकर संक्रान्ति’ के अवसर पर श्री गोरखनाथ मन्दिर में आयोजित होने वाले परम्परागत खिचड़ी मेला की तैयारी पूर्ण हो चुकी है। इस अवसर पर शिवावतार बाबा गोरखनाथ जी को अपनी पवित्र खिचड़ी चढ़ाने के लिये आने वाले श्रद्धालुजनों को कोई असुविधा ना हो इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है।
गोरक्षपीठाधीश्वर एवं गोरखपुर के सांसद महन्त योगी आदित्यनाथ ने आज बताया की इस वर्ष शुभ संवत् 2072 शाके 1937 सूर्य उत्तरायण हेमन्त ऋतौ पौषे मास शुक्ल पक्ष षष्टी तिथि शुक्रवार के दिन में प्रातः 7:34 मिनट पर सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं इसलिए इसके 8 घण्टा पूर्व एवं 8 घण्टा बाद पुण्यकाल माना जाता है।
Gorakhpur-MP-Adityanathआदित्यनाथ ने कहा की इस वर्ष मकर संक्रान्ति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाया जायेगा और बुढ़वा मंगल का पर्व 26 जनवरी को मनाया जायेगा।
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उन्होनें बताया कि धनुराशि से मकर राशि में संक्रमण ही ‘मकर संक्रान्ति’ कहलाता है। चूॅकि जगत्पिता भगवान् सूर्य इस तिथि को उत्तरायण में प्रवेश करते है इसलिये हर प्रकार के मांगलिक एवं पुण्य कार्य इस पवित्र तिथि से प्रारम्भ हो जाते है।
Gorakhnath-Templeइस अवसर पर उत्तर प्रदेश, बिहार तथा देश के विभिन्न भागों के साथ-साथ पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन शिवावतार भगवान गोरखनाथ जी को अपनी पवित्र खिचड़ी चढ़ाते है और अपनी मनोकामना की पूर्ति हेतु प्रार्थना करते है। लाखों की संख्या में आने वाले श्रद्धालुजनों की सुरक्षा एवं सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुये पूरी तैयारी की गई है।
Gorakhnath-Temple-2योगी जी ने बताया कि चुंकि मकर संक्रान्ति पर्व परम्परागत रूप से 14 जनवरी को आम श्रद्धालुजन मनाता आया है। दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते है। इस दृष्टि से 13 जनवरी के दोपहर बाद से ही आने वाले श्रद्धालुओं को परिसर में रूकने की व्यवस्था इस भीषण शीतलहरी में विभिन्न धर्मशाला और अन्य स्थलों पर की गई है।
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मकर संक्रान्ति के अवसर पर खिचड़ी चढ़ाने वाले श्रद्धालुजन सुविधा पूर्वक भगवान गोरखनाथ जी का दर्शन कर सके इसके लिये बेरीकेटिंग का कार्य पूरी तरह से पूर्ण हो चुका है। मन्दिर परिसर में जगह-जगह अलाव की व्यवस्था, पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ परिसर में पहले से मौजूद शुलभ-शौचालय के साथ-साथ मन्दिर परिसर के पश्चिम मेें नये शौचालय बनाये गये है। इसके अलावा मन्दिर परिसर में विद्युत की आपूर्ति अनवरत् बना रहे, इसके लिये पर्याप्त मात्रा में जनरेटर रखे गये है।
Gorakhnath-Temple-3मन्दिर और मेला परिक्षेत्र में प्रत्येक गतिविधि को नजर रखने के लिये जगह-जगह CCTV कैमरे लगाये गये है। 7 वाच टावर से सुरक्षा अधिकारी हर प्रकार के गतिविधि पर नजर रखेगें। मन्दिर की ओर से 1500 स्वंय सेवको द्वारा श्रद्धालुजनों की सुविधा एवं सुरक्षा की दृष्टि से लगाये जा रहे है। प्रशासन ने भी पूर्वी उत्तर प्रदेश के मेले को सकुशल सपन्न करवाने के लिये प्रयास किया है।
चूकि 15 जनवरी को मकर संक्रान्ति का पर्व मनाया जायेगा इसलिये मकर संक्रान्ति के बाद दूसरे मंगलवार जो 26 जनवरी 2016 को है, यही बुढ़वा मंगल के रूप में मनाया जायेगा।

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