गोरखपुर

मजहब बदल शादी की, फिर पत्नी ने दुत्कारा; अब बीबी के लिए दर-दर भटक रहा है एक शख्श

Vashudev-Aryaगोरखपुर: ना ख़ुदा मिला ना विसाले सनम। ना इधर के रहे ना उधर के हम।
कुछ ऐसा ही हुआ है रानीडींहा महादेव झारखण्डी के रहने वाले सिंचाई विभाग में बाबू के पद पर कार्यरत वासुदेव आर्य के साथ। इन्होंने अपनी मोहब्बत के लिए मजहब बदलने से भी गुरेज नहीं किया। इनका परिवार इस्लाम धर्म का मानने वाला है और धर्म परिवर्तन से पहले इनका नाम मोहम्मद वसीम था।
इनको ग्राम भौरहीं की रहने वाली ऋचा यादव से इश्क हो गया। प्रेम के दौरान ऋचा यादव के कहने पर अपना मजहब बदल दिया। मुस्लिम धर्म से किनारकसी कर हिंदू धर्म अपनाया। 2014 के अक्टूबर महीने में हिंदू रीति रिवाज से बक्शीपुर स्थित आर्य समाज मंदिर में शादी की। करीब नौ माह साथ रहने के बाद अचानक ऋचा का मुड बदल गया।
वासुदेव उर्फ वसीम ने बताया कि पत्नी मायके जाने के बहाने यह कह कर घर से निकली की एक दो दिन में वापस आ जाऊंगी। पत्नी के मायके जाने के बाद किसी कार्य से अलमारी खोली तो पता चला कि मैरेज सर्टीफिकेट और कुछ जरूरी सामान पत्नी अपने साथ ले गई है।
पिछले वर्ष जुलाई के महीने में जब पत्नी मायके गई उसको फोन किया तो उसका नम्बर बंद मिला। जब पत्नी के मामा से बात करने की कोशिश की गयी तो वह भड़क गए और कहा कि ऋचा अब तुम्हारे घर नहीं जायेगी।
28 जनवरी को ऋचा की शादी होने वाली है। वासुदेव उर्फ वसीम ने एसओ झंगहा व एसएसपी से शिकायत की। विधिक सेवा प्राधिकरण में भी गुहार लगायी। लेकिन इसके बावजूद कुछ हासिल ना हुआ। मोहब्बत के लिए मजहब तो बदला ही तमाम तरह की मशक्कतें झेली लेकिन हासिल कुछ नहीं हुआ।
इनके साथ यह कहावत चरितार्थ हो गयी की ‘ना खुदा मिला न विसाले सनम, ना इधर के रहे ना उधर के हम’।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *