गोरखपुर

संत समाज का ऐलान, जो कराएगा भव्य राम मन्दिर का निर्माण उसे देंगे युपी चुनाव में अपना समर्थन

Sant-Samaj-Baithak-2गोरखपुर: भारतीय सन्त सभा के अध्यक्ष स्वामी गोविन्द देव गिरी ने कहा है कि यद्यपि सन्त सभा का कार्य उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन हो यह घोषित करना नहीं है, किन्तु इसमें कोई सन्देह नहीं कि श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण के लिए जो अपना सबकुछ दाॅव पर लगा देगा और जो उसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध होगा, सन्त सभा एवं उसके सन्त उसके खड़े होंगे।
समापन समारोह को सम्बोधित करते हुए भारतीय सन्त सभा के अध्यक्ष महामण्डलेश्वर, भारत माता मन्दिर के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी स्वामी गोविन्द देव गिरी जी महाराज ने हाथ उठवाकर सन्तो का समर्थन भी प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि श्रीरामजन्मभूमि पर मन्दिर निर्माण के लिए अभियान चलाकर कार्य करने हेतु दो-चार महीना का समय देने हेतु संतो से हाथ उठवाकर संकल्प कराया।
Sant-Samaj-Baithak-1सन्त सभा के समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए गीता-मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द ने कहा कि सन्त सभा राजनीतिक मंच नही है तथापि सत्ता को हम निरंकुश नही होने दे सकते। आज के युग में सत्ता एक महत्वपूर्ण आयाम है। हम यह चाहेंगे ही कि सत्ता ऐसी हो जो श्रीरामजन्मभूमि पर भव्य मन्दिर का निर्माण कराए।
सन्त सभा को सम्बोधित करते हुए गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सन्त राष्ट्र जागरण का हिस्सा बनें। वर्तमान युग में हिन्दू समाज की रक्षा के लिए शस्त्र और शास्त्र दोनों परम्पराओं का सन्त वाहक बनें। एक हाथ में लोटा तो दूसरे में सोटा। एक हाथ में खप्पर तो दूसरे हाथ में दण्डधारण करें।
Sant-Samaj-Baithakउन्होंने कहा की ,”शरीर तभी रोगों से लड़ सकता है जब प्रतिरोधक क्षमता ठीक हो। हिन्दू समाज को भी स्वस्थ रहने के लिए अपनी प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखनी होगी। समाज को संगठित करना होगा। हम इस बात को समझें कि धर्मान्तरण राष्ट्रान्तरण है। धर्मान्तरण को रोकने एवं बिछड़े अपने बन्धु-बान्धवों की घर वापसी का मार्ग प्रशस्त करना होगा।”
तीन दिवसीय सम्पन्न हुई सन्त सभा की चिन्तन बैठक में कुल छः सत्र चलें। इन सत्रों में हुए चिन्तन का निष्कर्ष जिसको हिन्दु धर्म के सभी पंथों के आचार्यो, धर्माचार्यों एवं धर्मगुरूओं ने ‘नवधा मंत्र’ के रूप में स्वीकार किया।
Sant-Samaj-Baithak-3समापन समारोह के अवसर पर पूर्वी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण अंचलों से लगभग 2000 संत आए थे। गोरक्षपीठाधीश्वर महन्त योगी आदित्यनाथ जी ने इन सभी सन्तों को अंगवस्त्र एवं कम्बल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अविनिश कुमार सिंह ने पराशक्ति अराधना नामक 101 पुस्तक संतो को सप्रेम भेंट किया।

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