गोरखपुर

एयर फ़ोर्स के नियम नहीं होंगे बाधक, गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर बन सकता है एम्स

Cane-research-institute,-goगोरखपुर: शहर में गन्ना शोध संस्थान की जमीन पर एम्स बनाने की राह में एअरफोर्स के नियम बाधक नहीं बनेंगे। डीएम ओएन सिंह ने एअरफोर्स अधिकारियों से बातचीत के बाद बताया की नियमों के मुताबिक एअरफोर्स बेस से 1000 मीटर दूर यानि गन्ना शोध संस्थान की पूर्वी दीवार से 100 मीटर अंदर 20 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराया जा सकता है।
एम्स की जमीन को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के बीच लम्बे अरसे से चल रही खींचतान के बाद दो दिन पहले ही गन्ना शोध संस्थान के प्रस्ताव पर दोनों सरकारों ने हामी भरी थी। शनिवार को जमीन का मुआइना करने केन्द्र की उच्च स्तरीय टीम गोरखपुर आई थी।
Proposed-land-for-AIIMS-in-टीम, शोध संस्थान की जमीन और उसकी भौगोलिक स्थिति से संतुष्ट नज़र आई लेकिन एअरफोर्स बेस से निकटता के चलते यह आशंका बनी हुई थी कि कहीं भवनों की ऊंचाई को लेकर कोई नई रुकावट सामने न आ जाए।
डीएम ने बताया कि नियमों के मुताबिक एअरफोर्स बेस से 1000 मीटर दूर यानि गन्ना शोध संस्थान की पूर्वी दीवार से 100 मीटर अंदर 20 मीटर ऊंचाई तक निर्माण कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा की 1500 से 2000 मीटर तक की दूरी पर 30 मीटर ऊंचा और 2000 मीटर से ज्यादा दूरी पर 40 मीटर ऊंचा निर्माण हो सकता है। गन्ना शोध संस्थान की पूर्वी दीवार एअरफोर्स की सीमा से 900 मीटर दूर है।
Ganna-bhavan,-Gorakhpurनियमों की स्पष्टता सामने आने के बाद जिला प्रशासन शासन को नए सिरे से रिपोर्ट भेजने की तैयारी कर रहा है।
गौरतलब है की एम्स और खाद कारखाने के शिलान्यास के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी 22 जुलाई को गोरखपुर आने वाले हैं। एम्स के लिए राज्य सरकार ने पहले खुटहन के पास जमीन उपलब्ध कराई थी लेकिन वह जमीन विवादित थी। गन्ना शोध संसथान की भूमि पर एम्स बनने से उसे वह गोरखपुर-देवरिया रोड और गोरखपुर-कुशीनगर रोड से आने जाने वाले लोगो के लिए सुविधापूर्ण होगा।
वहीँ अगर इस भूमि पर एम्स बनता है तो यह गोरखपुर एयरपोर्ट से बहुत नजदीक होगा ही, शहर के रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन से भी इसकी दुरी ज्यादा नहीं होगी। यह जमीन फोरलेन के भी बहुत करीब होगी।
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