गोरखपुर

बेवफा साबित हो रहे शहर के एटीएम मशीन, रूपये पाने को भटक रहे लोग

गोरखपुर: देश में नोट बन्दी हुए 36 दिन पूरे हो चुके है किन्तु सरकार की घोषणाएं आम जनता के लिए हवा हवाई ही साबित हुई हैं। गत शनिवार से लगातार तीन दिन के अवकाश झेल चुकी पब्लिक दो दिन बाद भी पैसे की चाह में शहर के एटीएम मशीनों के चक्कर काटती फिर रही है।
ज्ञातब्य है कि गत 9 नवम्बर से शुरू हुए डी-मोनेटाइजेशन के बाद अब कैश के लिए एटीएम ही सहारा बने हैं। किन्तु इन एटीएम मशीनों में भी पर्याप्त रुपये न होने से शनिवार देर रात से ही शहर के 80 फीसद एटीएम में ताला बंद है।
जिले में स्थित 268 एटीएम को चालू करने के लिए हर रोज करीब आठ से दस करोड़ रुपये की जरूरत है। एटीएम में रुपये डालने वाले एजेंसियों को मांग के अनुसार आरबीआइ से रुपये न मिलने के कारण लगभग हर जगह स्थिति बिगड़ गई है। बैंको में हो रही भीड़ और नियत राशि तय किये जाने के बाद लोगों की आशा का केंद्र एटीएम ही बचे है।
ऐसे में किसी भी बैंक के एटीएम से दूसरे बैंक का ग्राहक राशि निकाल सकता है। किन्तु ज्यादातर बैंक अपना अधिकतम कैश ब्राच में ही रखकर एटीएम में बस कामचलाऊ रुपये ही डाल रहे हैं। नोटबन्दी के बाद नए नोटों को खपाने के लिए जिले के करीब55 से 60 प्रतिशत एटीएम नए नोट के लिए री-कैलिब्रेट किए जाने का दावा किया तो जा रहा हैं, लेकिन इनमें से भी केवल दो हजार के नए नोट ही निकल रहे हैं।
बैंक वालों का कहना है आरबीआइ चेस्ट से ज्यादा कैश दो हजार के नए नोट में ही मिल रहा है, इसलिए अधिकाश एटीएम में ये नोट डाले जा रहे हैं। शहर में तीन दिन की बन्दी के बाद मंगलवार से गिने-चुने एटीएम ही चल रहे थे। इनमे से इलाहाबाद बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सेंट्रल बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक के एटीएम के शटर डाउन ही रहे। इन बैंकों की मुख्य शाखाओं पर स्थित एटीएम में भी कैश नहीं था।
ग्रामीण क्षेत्र में एटीएम की हालत और भी खराब है। लोग 2000 रुपये निकालने के लिए ग्रामीण क्षेत्र से भाग भागकर शहर आ रहे हैं और घटों लाइन में खड़े हो रहे हैं। कड़ाके की ठंड के बावजूद रात में भी एटीएम पर लाइन लग रही है। इसमें भी कुछ राष्ट्रीयकृत बैंको के एटीएम तो शुरू से ही धराशायी रहे है, वहीँ प्राइवेट बैंकों के एटीएम मशीनों ने पब्लिक रिलेशन को बेहतर बनाने के लिए लगातार सुविधाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की है।
एसबीआई मेन ब्रांच का एटीएम झेल रहा जनता का दवाब
इस बीच जहां पुरे जनपद के एटीएम मशीनों ने आम जनता को धोखा दिया तो बैंक रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा परिसर में स्थित एटीएम प्लाजा ने लोगों को हमेशा सहारा दिया। यहा पर लंबी लाइन जरूर लग रही है लेकिन लोगों को रुपये मिल रहे हैं।

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