गोरखपुर

भूकंप व रसायनिक जैविक रेडियो धर्मी खतरो से निपटने को लेकर मंथन

अरविंद श्रीवास्तव
गोरखपुर: विगत वर्षों में आए भूकंप के झटकों के कारण मानव और भौतिक क्षति को ध्यान में रखते हुए अब आवश्यक है कि राहत व बचाव कार्य के लिए पूरी तैयारी होनी चाहिए, आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सके,इसमें एनडीआरएफ की भूमिका बेहद अनिवार्य व महत्वपूर्ण है। भूकंप रसायनिक जैविक रेडियो धर्मी खतरो से निपटने की लिए तैयारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा जिलाधिकारी कार्यालय में संपन्न हुई।


बैठक का मकसद आपदा के समय कार्य करने की निर्धारित प्रणाली को जमीनी स्तर पर लागू कर कम से कम समय में रिस्पॉन्ड किया जा सके।
उत्तर प्रदेश का बहुत बड़ा भाग हिमालय की तलहटी शिव सका हुआ है जो भूकंप के दृष्टि से अति संवेदनशील है, इन क्षेत्रों को लेसिक ज़ोन 4 व ज़ोन 5 के अंतर्गत रखा गया है ।


न्यूनतम  के बीच आपदा के प्रभाव से बचने पर विस्तृत चर्चा वह अभ्यास किए जाने पर सहमति के दौरान यह तय हुआ कि होटल क्लार्क में मेगा मॉल का अभ्यास 10 अप्रैल को किया जाए। बुक अभ्यास के सिलसिले में 9 अप्रैल को एक केवल तो आप भी किया जाएगा जिसमें क्षेत्र के संभावित खतरों पर बिंदुवार चर्चा होगी साथ-साथ राज्य के विभिन्न संबंधित विभाग जैसे अग्निशमन स्वास्थ्य पीएसी पुलिस एनसीसी स्काउट गाइड के कार्यों का भी निर्धारण किया जाएगा।


बैठक की अध्यक्षता एडीएम सिटी विधान जयसवाल एडिशनल एसपी विपुल श्रीवास्तव उप नगर आयुक्त पीके सिंहा एनसीसी के कर्नल अनुराग सूट एनडीआरएफ के डिप्टी कमांडेंट पीएल शर्मा डिप्टी सीएमओ डॉ एसएन त्रिपाठी डिप्टी एसपी एसडीआरएफ, आत्म प्रकाश यादव डिप्टी कंट्रोलर, सत्य प्रकाश सिंह, प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर उर्वशी तिवारी की मौजूदगी में किया।


इस मौके पर एसएसबी के सहायक कमांडेंट वीरेंद्र सिंह, तहसीलदार सदर संजीव दिक्षित, एचक्यू टीवी इंजीनियर पावर कारपोरेशन बिल आनंद, एफएसओ रमाशंकर भी मौजूद रहे।

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