गोरखपुर

नकल कराने की शिकायत पर हटाये गए केंद्राध्यक्ष, प्रबन्धक ने की थी साक्ष्य समेत शिकायत

नकल कराने की शिकायत पर हटाये गए केंद्राध्यक्ष, प्रबन्धक ने की थी साक्ष्य समेत शिकायत

गोरखपुर: एक तरफ जहां प्रदेश सरकार सुचितापूर्ण परीक्षाओं का दावा करती नजर आ रही है,वहीं दूसरी तरफ गोरखपुर के दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय से सम्बध्द तमाम महाविद्यालयों में नकल कराये जाने को लेकर सुविधा शुल्क मांगे जाने की खबरें चर्चा में हैं।जिनमे विवि के कुलपति द्वारा जांच कमेटी भी बनाई जा रही है। ताजा मामला देवरिया के कोटवा मिश्र स्थित स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय का सामने आया है। जिसमे महाविद्यालय के केंद्राध्यक्ष डॉ राम जन्म गुप्ता को विश्वविद्यालय ने केंद्राध्यक्ष पद से हटा दिया है। केंद्राध्यक्ष ने प्रबंधक से नकल कराने के एवज में 500 रुपये प्रति छात्र की मांग रखी थी। प्रबंधक ने स्वयं कुलपति से ऑडियो साक्ष्य के साथ कुलपति से शिकायत की थी। परीक्षा नियंत्रक ने मामले की जांच के लिए एज कमेटी भी गठित की है।

बता दें कि पूर्व में देवरिया के तीन कॉलेजों की शिकायत के बाद कुशीनगर जिले के एक कॉलेज के नकल माफिया की ऑडियो वायरल वायरल हुआ। जिसमें ऑडियो में कॉलेज के लोग खुलेआम कर परीक्षार्थियों से नकल कराने की फीस दो हजार रूपये मांग रहे थे। कुलपति ने इसे भी गंभीरता से लेते हुए एक जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट तलब की।उन्होंने कहा कि सीसी कैमरे व डीवीआर में छेड़छाड़ मिली तो शिकायतों की पुष्टि मानते हुए कॉलेजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

इसी क्रम में अब ताजा मामला देवरिया के कोटवा मिश्र स्थित स्वामी विवेकानंद महाविद्यालय का सामने आया है।जिसमे महा विद्यालय के केंद्राध्यक्ष डॉ राम जन्म गुप्ता को विश्व विद्यालय ने केंद्राध्यक्ष पद से हटा दिया है। केंद्राध्यक्ष ने प्रबंधक से नकल कराने के एवज में 500 रुपये प्रति छात्र की मांग रखी थी। विद्यालय के प्रबंधक ने स्वयं कुलपति से ऑडियो साक्ष्य के साथ कुलपति से शिकायत की थी। परीक्षा नियंत्रक ने मामले की जांच के लिए एज कमेटी भी गठित की है।

परिप्रेक्ष्य में बात करें तो कुलपति प्रो. वीके सिंह के पास देवरिया के भटनी क्षेत्र में तीन कॉलेजों में खुलेआम नकल की शिकायत पहुंची थी। कुलपति ने इसे गंभीरता
से लेते हुए जांच कमेटी गठित की। टीम तकनीकी एक्सपर्ट लेकर शुक्रवार को तीनों कॉलेजों की जांच करने गयी थी। इस बीच बुधवार को कुशीनगर जिले के तमकुही राज क्षेत्र के एक कॉलेज में नकल माफिया द्वारा परीक्षार्थियों से दो हजार रूपये प्रति छात्र नकल कराने के नाम पर वसूली की शिकायत पहुंची।

ऑडियो रिकार्डिंग में नकल माफिया खुद कॉलेज के छात्रों से कह रहा है कि जिस सेंटर पर उन्हें परीक्षा देनी है, वहां प्रति छात्र के हिसाब से यह रुपये देने पड़ेंगे। जो रुपये देंगे, उन्हें ही नकल कराया जाएगा। सीसी कैमरे के सामने नकल कैसे हो पाएगी, पूछने पर कहा गया है कि इसकी काट कॉलेजों ने निकाल ली है। कुछ देर के लिए सीसी कैमरा बंद कर दिया जाता है और बाद में इसे ठीक करा दिया जाता है। इसके लिए कॉलेजों में बाकायदा केन्द्रों पर सीसी कैमरा एक्सपर्ट की भी ड्यूटी लगा रखी है।एक्सपर्ट समय से कैमरा बंद कर देते हैं और बाद में इस हिस्से को डिलीट कर देते हैं।

कई बार ऐसा भी कर रहे हैं कि जिस कमरे में नकल करानी है, वहां कैमरे को कुछ देर के लिए ढक दे रहे हैं।कुलपति ने कुशीनगर के कॉलेज संबंधी ऑडियो के साथ पूरे प्रकरण की जांच के निर्देश जारी कर दिए हैं। परीक्षा नियंत्रक को इसके लिए भी जांच कमेटी बनाने को कहाऔर एक ऐसी टीम गठित कर कॉलेजों का औचक निरीक्षण करने के भी आदेश जारी किए हैं।

इस सम्बंध में कुलपति डीडीयू प्रो. वीके सिंह ने कहा कि नकल मुक्त परीक्षा कराना डीडीयू का उद्देश्य है। इसका पूरा पालन कराया जाएगा। जितनी भी शिकायतें आई हैं, सभी के लिए जांच कमेटी बनाई जारही है। कहीं भी कैमरे या डीवीआर से छेड़ाछाड़ मिली तो कड़ी कार्रवाई की जा जाएगी। यह अन्य कॉलेजों के लिए भी नजीर होगी।

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