गोरखपुर

गोरखपुर: व्हाट्सप्प से पेपर साल्‍व कराने वाला गैंग धराया

गोरखपुर: व्हाट्सप्प से पेपर साल्‍व कराने वाला गैंग धराया

गोरखपुर: जनपद में पुलिस ने नकल माफियाओं के ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है जो व्हाट्सप्प से पेपर साल्‍व कराता था। पुलिस ने इन नकल माफियाओं के पास से नकल के लिए इस्‍तेमाल की जाने वाली उत्‍तर पुस्तिकाओं समेत अन्‍य सामग्रियां बरामद की है। हैरत की बात यह है कि इस गैंग का सरगना कालेज का प्रिंसिपल है।

पुलिस ने प्रिंसिपल, केन्‍द्र व्यवस्‍थापक और एक साल्‍वर को हिरासत में लिया है। इस गैंग के चार अन्‍य सदस्‍यों की पुलिस तलाश कर रही है। ये गैंग नकल कराने के लिए परीक्षार्थियों से 10 से 20 हजार रुपए लेता था।

रविवार को सीओ खजनी/एसपी चारू निगम ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि उरुवा थानाक्षेत्र के श्रीमती राजकली सिंह इंटर कालेज इंटर कालेज में नकल कराए जाने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने इस कालेज के प्रधानाचार्य भारत भूषण सिंह, केन्‍द्र व्‍यवस्‍थापक पंकज सिंह और साल्‍वर की भूमिका निभाने वाले इसी कालेज के शिक्षक सुबाष सिंह को व्हाट्सप्प से पेपर साल्‍व कराने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस को इस गैंग के सदस्‍य गोरखपुर विश्‍वविद्यालय के पूर्व उपाध्‍यक्ष रहे विश्‍वजीत सिंह, गंगेश गिरी, कैलाश सिंह, अविनाश सिंह व अन्‍य की तलाश है. ये गैंग पिछले 13 सालों से सक्रिय है।

पुलिस ने प्रधानाचार्य भारत भूषण सिंह के घर से 600 वर्क इंटरमीडिएट परीक्षा उत्‍तर प्रदेश की सादी उत्‍तर पुस्तिकाएं, साल 2013 और 2014 का कक्षा 9 का अर्द्ध निर्मित 69 वर्क, माध्‍यमिक शिक्षा परिषद के अंकपत्र हाई स्‍कूल के 35 वर्क, माध्‍यमिक शिक्षा परिषद इंटरमीडिएट के अंकपत्र विभिन्‍न वर्षों के कुल 34 वर्क, इंटरमीडिएट के विभिन्‍न वर्षों के पासशुदा सनद कुल 11 वर्क, प्रश्‍नपत्र वर्ष 2018, वर्ष 2016, वर्ष 2017 भौतिक विज्ञान, सामान्‍य हिन्‍दी और गणित, एक अदद हलशुदा कागज, बच्‍चों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे हुए एक अदद पाकेट डायरी, एक अदद रिवाल्‍वर मय कारतूस, 6 मोबाइल बरामद किया है. ये साल 2005 से फेल बच्‍चों को पास की फर्जी मार्कशीट भी बनाकर देते थे।

पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर उरुवा थाने में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120 बी भादवि, 4/10 परीक्षा अधिनियम और 66 आईटी एक्‍ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी साल्‍वर सुबाष सिंह ने बताया कि उसे वाट्सएप पर प्रश्‍न आ जाते थे और वो उसका उत्‍तर लिखकर उसे संबंधित गैंग के लोगों तक पहुंचा देता था. उसने बताया कि वो पेशे से शिक्षक है. उसे फरार आरोपी कैलाश के घर से गिरफ्तार किया गया है।

श्रीमती राजकली सिंह इंटर कालेज इंटर कालेज के प्रधानाचार्य भारत भूषण सिंह ने बताया कि दो साल से विद्यालय सेंटर बना है। इस साल परीक्षा से बाहर कर दिया गया था। इसी कारण केन्‍द्र व्‍यवस्‍थापक दूसरे को बना दिया गया था। लेखपाल ही पूरी परीक्षा की निगरानी करते थे। वे पेपर लेकर जाते थे और लेकर आते थे। उसका कहना है कि सुभाष की बच्‍ची और उनके रिश्‍तेदार की बच्‍ची परीक्षा दे रही थी। उसने बताया कि सादी कापियां वे केन्‍द्र से ले आकर अपने घर रखते थे और सुबह लेखपाल को हैंडओवर कर देते थे। लेकिन, मौके से बरामद मोहर और अन्‍य सामान कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।

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